सुप्रीमकोट के निर्णय के बाद यूपी में खाली होंगे पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले

Ex Chief Ministers Can’t Stay In Official Bungalows : Supreme Court

लखनऊ। सुप्रीमकोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को ताउम्र सरकारी बंगला दिए जाने के मामले में सोमवार को सुनाए गए अहम फैसले के बाद प्रदेश के कई पूर्व मुख्यमत्रियों को दो महीने में अपने बंगले खाली करने पडेंगे।

उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद जिन पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले खाली करने पड़ेंगे उनमें समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, उनके पुत्र अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती, केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जो राजस्थान के राज्यपाल हैं, नारायण दत्त तिवारी और कांग्रेस के रामनरेश यादव का बंगला शामिल हैं। स्वर्गीय रामनरेश यादव के बंगले में परिवार के सदस्य रह रहे हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आवास आवंटन नियम, 1997 को कानून गलत बताते हुए उच्चतम न्यायालय ने अगस्त, 2015 में निरस्त कर दिया था और दो माह के भीतर तमाम पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया था।

इस फैसले के बाद राज्य सरकार ने कानून में संशोधन के साथ नया कानून लाकर पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए ताउम्र सरकारी निवास देने का निर्णय लिया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने आज उस कानून को भी गैर संवैधानिक करार देते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों से दो माह के भीतर बंगले खाली कराने का आदेश दिया है।

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