एक्ज़िम बैंक के शोध अध्ययन ‘मध्य प्रदेश के लिए निर्यात रणनीति’ का विमोचन

Exim Bank's Releases Study Entitled 'Export Strategy for Madhya Pradesh'
Exim Bank’s Releases Study Entitled ‘Export Strategy for Madhya Pradesh’

मु॑बई । एक्ज़िम बैंक ने मध्य प्रदेश सरकार के लिए ‘मध्य प्रदेश के लिए निर्यात रणनीति’ शीर्षक से एक शोध अध्ययन प्रकाशित किया है। अध्ययन का विमोचन मध्य प्रदेश के माननीय राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्री संजय सत्येंद्र पाठक द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री वी.एल. कांता राव, प्रधान सचिव, मध्य प्रदेश सरकार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग विशेष रूप से उपस्थित रहे। शोध अध्ययन में मध्य प्रदेश से निर्यात की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य से निर्यात संवर्धन के लिए रणनीतियां भी चिह्नित की गई हैं।

अध्ययन में राज्य के पिछले निर्यात निष्पादन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई है। वर्ष 2012-13 से 2016-17 के बीच राज्य से निर्यात में 1.7 प्रतिशत की औसत सालाना वृद्धि दर्ज की गई और निर्यात बढ़कर 4.4 अरब यूएस डॉलर का हो गया। उल्लेखनीय है कि यह वृद्धि भारत से समग्र निर्यातों की वृद्धि से अधिक है, जिसमें इसी अवधि के दौरान गिरावट दर्ज की गई।

अध्ययन में विस्तृत विश्लेषण के आधार पर कहा गया है कि एक सक्षम निर्यात तंत्र के जरिए 2021-22 तक मध्य प्रदेश से निर्यातों का आंकड़ा 10 अरब यूएस डॉलर तक पहुंच सकता है। निर्यात के लिए बेहतर परिवेश और इस सक्षम तंत्र के निर्माण के लिए चुनिंदा क्षेत्रों पर फोकस करते हुए राज्य में संस्थागत और निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना होगा।

अध्ययन में इसका भी विश्लेषण किया गया है कि किन क्षेत्रों पर फोकस किया जाए। इन क्षेत्रों का पता लगाने के लिए अध्ययन में राज्य से वर्तमान में निर्यात किए जा रहे उत्पादों की मांग-आपूर्ति का विश्लेषण किया गया है। इस आधार पर अध्ययन में विभिन्न उत्पादों को चिह्नित किया गया है जो उत्पादों के वर्गीकरण के अनुसार एचएस-6 डिजिट स्तर के हैं। इन उत्पादों पर फोकस करते हुए राज्य द्वारा अपने निर्यातों को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है।

अध्ययन में 2021-22 तक राज्य से निर्यात के आंकड़े को 10 अरब यूएस डॉलर तक पहुंचाने के लिए भी कई रणनीतियां सुझाई गई हैं। इनमें उच्च वेल्यू एडेड और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने सहित निर्यातों के प्रबंधन के लिए एक केंद्रीकृत एजेंसी के रूप में मध्य प्रदेश निर्यात संवर्धन परिषद की स्थापना करना; नए जियोग्राफिकल आइटेंडिफिकेशन उत्पादों को चिह्नित करना; विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए पर्यटन में अंतर्निहित संभावनाएं तलाशना और राज्य के पूर्वी हिस्से में इनलैंड कंटेनर डिपो बनाने जैसी रणनीतियां शामिल हैं।