फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाला अजमेर पुलिस के हत्थे चढा

अजमेर। फर्जी आईएएस बनकर लोगों को ठगने तथा हाल ही में तीन युवकों को सर्किट हाउस में कमरा आवंटित कराने के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस सोमवार को अजमेर ले आई है। आरोपी से पूछताछ जारी है तथा ठगी की और वारदातों के खुलासे की संभावना है।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस व वृत्ताधिकारी प्रियंका के निर्देशन में कोतवाली थानाधिकारी छोटीलाल मीणा, नरेन्द्र सिंह, प्रभात कुमार, भगवान सिंह, अवधेश कुमार शामिल रहे।

अनुसंधान के दौरान साईबर सेल के कांस्टेबल आशीष गहलोत को तकनीकी जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम के प्रभात कुमार, भगवान सिंह व अवधेश ने आरोपी के मोबाइल नंबर 6377634719 की लोकेशन के आधार पर भरतपुर में तलाश शुरू की तथा डिटेन कर अरेस्ट कर लिया गया।

अब तक की जांच व पूछताछ में सामने आया कि मुल्जिम सौरभ कुमार पुत्र रामधन शर्मा गांव लुहासा थाना नदबई जिला भरतपुर का उद्देश्य फर्जी आईएएस बनकर लोगों को बेवकूफ बनाकर सरकारी सुविधाओं का लाभ लेना और लोगों से पैसा ऐंठना रहा है।

घटना के दिन प्रेम सिंह, हर्ष चौधरी व यशवंत चौधरी को अजमेर संभागीय आयुक्त कार्यालय में कंप्यूटर आपरेटर की भर्ती के लिए दस्तावेज जांच करवाने के लिए अजमेर भेजकर सर्किट हाउस फोन कर कमरा बुक करा कर रुकवा दिया। भेद खुलने पर ठहरने वाले युवकों से अनुसंधान किया गया।

आरोपी से अनुसंधान से यह तथ्य भी सामने आया कि संभागीय आयुक्त कार्यालय के अलावा आरपीएससी कार्यालय में भी फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर संवाद किया गया तथा इस संबंध में फर्जी आईएएस के नाम पर दस्तावेज प्रेषित किए गए थे, जिन्हें संबंधित कार्यालयों से संपर्क कर अनुसंधान में प्राप्त कर प्रकरण में उचित कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी के खिलाफ धोखधडी से जुडे पांच मामले भरतपुर में दर्ज हैं। भरतपुर केे बाहर अजमेर में भी वारदात का खुलासा होने पर अरेस्ट किया गया।