किसान आंदोलन को लेकर मोर्चा तथा केन्द्र के बीच बनी सहमति

सोनीपत। कुंडली सिंधु बॉर्डर पर पिछले 378 दिन से चल रहा किसान आंदोलन अब खत्म हो गया है। दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा और केन्द्र सरकार के बीच सहमति बन गई है।

केन्द्र सरकार के साथ बातचीत के बाद तैयार प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके बाद अब संयुक्त किसान मोर्चा व किसान संगठनों ने अब घर वापसी की तैयारी कर ली है। कुंडली सिंधु बॉर्डर पर किसानों ने अपने टेंट उखाकर सामान इक्ट्‌ठा करना शुरू कर दिया है।

पंजाब के किसानों ने कहा कि सामान बहुत ज्यादा था, टेंट खोलने शुरू कर दिए हैं। सरकार ने कुछ बातें मान ली है। ये किसानों की जीत हैं हमें बहुत खुशी है। किसान धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि किसान साथियों की शाहदत पर हमें गर्व है। आंदोलन बलिदान मांगता है, जीत ऐसे ही नहीं मिलती। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने इसे अपनी जीत बताते हुए आंदोलन को खत्म करते हुए कुंडली सिंधु बॉर्डर पर किसानों ने अपने टेंट उखाडने शुरू कर दिए हैं।

आंदोलन की अगुवाई करने वाले पंजाब के किसान संगठनों ने अपने टेंट उखाडने के साथ-साथ सामान को बांधना शुरू कर दिया है। किसान आंदोलन को लेकर किसानों ने कहा कि यह जीत किसानों की शाहदत की जीत है। जिन किसानों को हम अपने साथ लेकर आए उन्हें अपने साथ नहीं ले जा पाएं, ये बड़े दुख की बात है। सरकार की गलत नीतियों के कारण पूरे देश में आंदोलन चल रहा था। इस सरकार से हर वर्ग किसान, मजदूर, कमेरा वर्ग, दुकानदार सब परेशान है।