अप्रैल फूल के नाम से बनी थी फिल्म

मुंबई। पूरी दुनिया में मूर्ख दिवस या अप्रैल फूल 1 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन अच्छे खासे समझदार और प्रतिभाशाली व्यक्ति भी मूर्ख बनने, बनाने या कहलाने में खुशी महसूस करते हैं।

फिल्म उद्योग में भी पहली अप्रैल यानी मूर्ख दिवस के दिन एक दूसरे को मूर्ख बनाने का चलन है। फिल्मकार सुबोध मुखर्जी ने तो इस विषय पर फिल्म ही बना डाली। सुबोध मुखर्जी ने वर्ष 1964 में अप्रैल फूल बनाई थी। विश्वजीत और सायरा बानो जैसे सितारों से सजी इस फिल्म के गीत उन दिनों काफी लोकप्रिय हुए थे।

शंकर-जयकिशन के संगीत निर्देशन में मोहम्मद रफी की आवाज में रचा बसा यह गीत ‘आ गले लग जा’ और ‘कह दो कह दो जहां से कह दो..’ आज भी श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय है।

इसी तरह इस फिल्म में मोहम्मद रफी की आवाज में हसरत जयपुरी रचित फिल्म का टाइटल गीत ‘अप्रैल फूल बनाया तो उनको गुस्सा आया’ आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय है और गाहे, बगाहे रेडियो और टीवी पर सुनाई दे जाता है। आज के दिन तो इसकी याद की जाती है।