स्कूलों के पाठ्यक्रम में जल्द ही वित्तीय शिक्षा शामिल किया जायेगा

स्कूलों के पाठ्यक्रम में जल्द ही वित्तीय शिक्षा शामिल किया जायेगा
स्कूलों के पाठ्यक्रम में जल्द ही वित्तीय शिक्षा शामिल किया जायेगा

नयी दिल्ली | देश में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए जल्द ही स्कूलों के पाठ्यक्रम में वित्तीय शिक्षा को शामिल किया जायेगा। रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिल्ली कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक ईई कार्तक ने आज यहाँ एक कार्यक्रम में बताया कि वित्तीय शिक्षा पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही पाठ्य पुस्तकों में शामिल कर लिया जायेगा।

कार्तक ने कहा कि छठी कक्षा से छात्रों को वित्तीय शिक्षा देने की योजना है। इसमें पारंपरिक और डिजिटल बैंकिंग में ग्राहकों के अधिकार, उनकी जिम्मेदारी तथा बैंकिंग की सामान्य जानकारी के साथ शेयर बाजार और निवेश के बारे में भी बताया जायेगा। यह पाठ्यक्रम पेंशन फंड नियामक पीएफआरडीए, बीमा नियामक इरडा और शेयर बाजार नियामक सेबी के साथ मिलकर तैयार किया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार कर लिया है।

आरबीआई द्वारा आज से आयोजित वित्तीय साक्षरता सप्ताह कार्यक्रम की दिल्ली क्षेत्र में शुरुआत करते हुए कार्तक ने कहा कि वित्तीय साक्षरता से वित्तीय समावेशन में मदद मिलती है। जानकर ग्राहक बेहतर ग्राहक बन सकते हैं। वे बाजार से नयी नयी जानकारियाँ माँगते हैं जो प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है।