SIR को लेकर CEC के इस्तीफे की मांग पर हुआ था प्रदर्शन
पुलिस ने BNS की धारा 196 और 299 में दर्ज किया मामला
पणजी। गोवा की राजधानी पणजी में 11 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन अब विवादों में घिर गया है। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए जाने के मामले में गोवा पुलिस ने करीब 300 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि कथित नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और विभिन्न समुदायों के बीच धार्मिक वैमनस्य पैदा होने की आशंका बनी।
पुलिस के अनुसार मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 और 299 के तहत दर्ज किया गया है। धारा 196 विभिन्न समूहों के बीच धर्म आदि के आधार पर वैमनस्य को बढ़ावा देने से संबंधित है, जबकि धारा 299 जानबूझकर किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़ी है। पुलिस अब प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करने और कथित नारेबाजी की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे को लेकर था प्रदर्शन
CJP ने पणजी के आजाद मैदान में यह प्रदर्शन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर किया था। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अनियमितताएं हुई हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। संगठन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। इससे पहले CJP की ओर से 11 अक्टूबर को पणजी में आंदोलन की घोषणा की गई थी।
प्रदर्शन को लेकर प्रशासन और आयोजकों के बीच अनुमति का विवाद भी सामने आया था। रिपोर्टों के मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी वहां पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।
सात प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए थे
पुलिस ने आजाद मैदान में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। बाद में इसी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई और देर शाम हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश फर्डिन रेबेलो और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित कुछ अन्य लोगों को भी आजाद मैदान की ओर जाने से रोके जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर शिकायत
पुलिस के मुताबिक पणजी प्रदर्शन में कथित आपत्तिजनक नारे लगाए जाने को लेकर शिकायत तलेइगाओ निवासी रामप्रसाद केलकर ने की। शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रदर्शन के एक वीडियो का हवाला देते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर आपत्तिजनक नारे लगाए गए। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि इस तरह की नारेबाजी से क्षेत्र में धार्मिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, कथित वीडियो में नारे लगाने वाले सभी लोगों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस की जांच के बाद ही यह सामने आएगा कि प्रदर्शन में कौन-कौन लोग शामिल थे तथा उनकी भूमिका क्या थी।
मुख्यमंत्री ने जांच के दिए निर्देश
मामला सामने आने के बाद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कथित नारेबाजी को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CJP गोवा ने नारे से बनाई दूरी
विवाद बढ़ने के बाद CJP की गोवा इकाई ने कथित ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ नारे से दूरी बना ली। संगठन ने स्पष्ट किया कि CJP सभी धर्मों, जातियों और समुदायों का सम्मान करता है और किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान, नारे या कार्रवाई का समर्थन नहीं करता।
इससे पहले CJP का प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ राजनीतिक और चुनावी मुद्दों पर केंद्रित था। अब पुलिस की FIR के बाद मामला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धार्मिक वैमनस्य से जुड़े कानूनी पहलू की ओर भी बढ़ गया है।
फिलहाल पुलिस प्रदर्शन के दौरान कथित नारेबाजी की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। FIR में नामजद किए गए 300 लोग फिलहाल अज्ञात प्रदर्शनकारी हैं और उनकी पहचान जांच के दौरान किए जाने की बात सामने आई है।



