सिरोही बंदः बलवाइयों पर नामजद मामला दर्ज, व्यापारियों ने थाने में जताया आक्रोश

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सबगुरु न्यूज-सिरोही। अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम संशोधित-1989 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधन के विरोध में सोमवार को सिरोही में हुए बंद में पुलिस ने करीब एक दर्जन लोगों पर नामजद मुकदमे दर्ज किए हैं। बंद के दौरान व्यापारी से मारपीट करके उसका सिर फोडने पर व्यापारी ने इन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया है।

 

देर रात को सिरोही व्यापार संघ के सदस्य कोतवाली में पहुंचे और सवेरे की घटना पर रोष जताया। यहां पर डीएसपी भवानीसिंह ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सभी नामजर्द लोगों के खिलाफ चार्जशीट होगी और इस बलवे में हिस्सा लेने वाले सरकारी कर्मचारी तो जिंदगी भर इस प्रकरण को भूलेंगे नहीं।

चोटिल व्यापारी जयेश कंसारा ने बताया कि वह दोपहर को अपनी दुकान में बैठा था। इसी दौरान न्यायालय के निर्णय के विरोध में करीब चार-पांच सौ लोगों को जुलूस आया और उसे दुकान बंद करने को कहा।

वह दुकान बंद करने जा रहा था कि पाडीव निवासी जोगाराम मेघवाल, नगर परिषद में कार्यरत रामलाल मेघवाल, पाडीव निवासी शंकरलाल मेघवाल, पदमाराम मेघवाल, मदनलाल जीनगर, देवेन्द्र गर्ग, खाम्बल निवासी डूंगाराम, सिरोही का पार्षद जितेन्द्र खत्री, गणेश मेघवाल, गोयली निवासी मफतलाल व भीमाराम चूंडावत तथा दिनेशकुमार उनकी दुकान में धमकी देते हुए उसकी दुकान में घुसे।

दुकान से घसीटकर जबरन बाहर निकालना चाहा। इसी दौरान पार्षद जितेन्द्र खत्री ने उसके सिर पर वार कर दिया। दुकान के अंदर काउंटर से ढाई हजार रुपये निकाल लिए। दुकान के अंदर से हेंडीक्राफ्ट के सामान ले गए। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर आईपीसी की धारा 341, 323, 143 147, 149 तथा 379 में प्रकरण दर्ज किया है।

गुस्साए व्यापारी पहुंचे थाने

बंद के दौरान व्यापारी से मारपीट होने पर नाराज सिरोही के व्यापारी रात को थाने में पहुंचे। रामदेवरा के संत भजनाराम समेत व्यापार संघ के अध्यक्ष हंजाराम सुथार, सुरेश सगरवंशी आदि ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर इस प्रकरण पर रोष जताया। थाने में कोई अधिकारी नहीं था।

इस पर डीएसपी सिरोही से वार्ता की। कुछ देर में सिरोही डीएसपी थाने पहुंचे। व्यापारियों ने सवेरे की घटना पर रोष जताया। उनका कहना था कि सहयोग करने के बाद भी बलवाइयों ने मारपीट की। उन्होंने कहा कि एएसआइ मोहनलाल नहीं होते तो जयेश को बलवाई जान से मार देते।

इन लोगों ने कहा कि इस बलवे में कई सारे सरकारी कर्मचारी भी शामिल थे, जिन्होंने भीड का नेतृत्व करके उसे उकसया। डीएसपी भवानी सिंह ने कहा कि इस प्रकरण में सभी नामजद लोगों के खिलाफ चार्जशीट होगी।

उन्होंने कहा कि जितने भी सरकारी कर्मचारी इस जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे उन्हें सरकारी नौकरी में रहते हुए इस तरह का आंदोलन का नेतृत्व करने का ऐसा सबक मिलेगा कि वो ताउम्र याद रखेंगे। उन्होंने एएसआई मोहनलाल की भूमिका की भी सराहना की।

हत्या के प्रयास की धारा जोडने को कहा

मारपीट में घायल जयेश के द्वारा दर्ज करवाई गई नामजद रिपोर्ट में हत्या के प्रयास की धारा नहीं जोडी हुई थी। इसे लेकर व्यापारियों ने रोष जताया। इस पर पुलिस उप अधीक्षक ने कहा कि अभी मेडीकल रिपोर्ट आनी बाकी है। मेडीकल रिपोर्ट के आधार पर यह धारा भी जोडी जाएगी।