केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के पुत्र के खिलाफ FIR दर्ज

लखीमपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में हिंसक झड़प में चार किसानो समेत आठ लोगों की मौत की घटना के सिलसिले में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

हालात बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिले में इंटरनेट सेवाओं को बाधित कर दिया गया है। स्कूलों में आज अवकाश की घोषणा की गई है। जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है।

उधर, लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी महासचिव सतीश मिश्र के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है वहीं आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सीतापुर जिले में पुलिस की निगरानी में रखा गया है।

किसान नेता राकेश टिकैत हालांकि भोर करीब साढे तीन बजे लखीमपुर पहुंचे और हालात का जायजा लेने के साथ सूबे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार और अन्य आला अधिकारियों के साथ हुयी बैठक में टिकैत ने पांच मांगे रखी जिसमें मृतक किसान के परिजनों को एक एक करोड़ का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, घटना की न्यायिक जांच, केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा अजय मिश्र टेनी का इस्तीफा और दोषियों को सख्त सजा शामिल है।

अधिकारियों ने किसान नेता की मांगों पर विचार कर इस पर जल्द ही कार्यवाही का आश्वासन दिया है। इस बीच केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र के खिलाफ तिकुनिया थाने में एफआईआर दर्ज की जा रही है। घटना में अभी तक किसी भी पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिले में स्थिति तनावपूर्ण मगर नियंत्रण में है। जिले में किसानों की आमद बढ़ने से सतर्क पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियां हालात पर पैनी निगाह रखे हुए हैं। जिले में किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए जिले में इंटरनेट सेवाओं को आंशिक रूप से बाधित किया गया है जबकि स्कूल कालेजों में आज अवकाश रखा गया है।

उधर, बसपा, कांग्रेस, सपा और आप ने नेताओं के लखीमपुर जाने पर रोक के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की है और इसे तानाशाही रवैया करार दिया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया कि बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद एससी मिश्र को कल देर रात लखनऊ में उनके निवास पर नजरबन्द कर दिया गया जो अभी भी जारी ताकि उनके नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमण्डल लखीमपुर खीरी जाकर किसान हत्याकाण्ड की सही रिपोर्ट न प्राप्त कर सके। यह अति-दुःखद व निन्दनीय।

उन्होने कहा कि यूपी के दुःखद खीरी काण्ड में भाजपा के दो मंत्रियों की संलिप्तता के कारण इस घटना की सही सरकारी जांच व पीड़ितों के साथ न्याय तथा दोषियों को सख्त सजा संभव नहीं लगती है। इसलिए इस घटना की, जिसमें अब तक 8 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है, न्यायिक जांच जरूरी, बीएसपी की मांग।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लखनऊ स्थित आवास के बाहर देर रात से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया है जिसमें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान भी शामिल है। आवास के बाहर एक ट्रक खड़ा कर दिया गया है। सपा कार्यालय ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात।

इस बीच आप सांसद संजय सिंह कल देर रात लखीमपुर के लिए रवाना हुए जिन्हे सीतापुर में रोक लिया गया। सांसद की स्थानीय तहसीलदार से काफी देर तक नोकझोंक हुई और आखिरकार उन्हें हिरासत में ले लिया गया। सिंह ने ट्वीट कर कहा कि क्या कोई मंत्री जो पहले भी 302 का अभियुक्त रहा हो जिसने खुलेआम 25 सितंबर को किसानों को ठीक कर देने धमकी की धमकी दी हो उसके मंत्री रहते हुए निष्पक्ष जांच हो सकती है।

उधर, मध्य रात्रि करीब 12 बजे लखीमपुर के लिए निकली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सीतापुर टोल प्लाजा के पास रोक लिया गया। पार्टी के मीडिया कोर्डिनेटर नसीमुद्दीन सिद्दिकी ने बताया कि वाड्रा को पीएसी कंपाउंड में रखा गया है। शासन प्रशासन के अधिकारी उन्हे कोई भी जानकारी उपलब्ध कराने से इंकार कर रहे हैं।

दलित राजनीति करने वाले चंद्रशेखर और उनके समर्थकों को पुलिस ने लखीमपुर के रास्ते में सीतापुर में हिरासत में ले लिया। उन्हे पुलिस लाइन में रखा गया है।