निजी कंपनी स्पेसएक्स की पहली अंतरिक्ष यात्रा सफलतापूर्वक लॉन्च

नई दिल्ली। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दो अंतरिक्ष यात्रियों को निजी कंपनी स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर भेज दिया। नौ वर्षों बाद पहली बार अमेरिकी धरती से कोई मानव मिशन अंतरिक्ष में भेजा गया।

एजेंसी अब अपने द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों की स्वामी नहीं होगी, बल्कि अब केवल स्पेसएक्स द्वारा दी जाने वाली ‘टैक्सी’ सेवाएं ही खरीदेगी। दो अंतरिक्ष यात्री डग हर्ली और बॉब बेन्कन को क्रू ड्रैगन कैप्सूल में बिठाकर स्पेसएक्स के रॉकेट फाल्कन 9 के साथ स्थानीय समयानुसार शाम चार बजकर 22 मिनट पर भेजा गया है।

अंतरिक्ष में जाने के लिए मौसम अनुकूल : नासा प्रमुख

नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेनस्टाइन ने कहा कि फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में मौसम अमरीकी अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भेजने के लिए अनुकूल है। स्पेस एजेंसी के प्रमुख ने ट्वीट किया कि मौसम अंतरिक्ष में भेजने के लिए अनुकूल।

पिछले एक दशक में अमरीकी जमीन से नासा की यह पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान थी। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रॉकेट लॉन्च को देखने के लिए अंतरिक्ष केंद्र पहुंचे। यह पहले बुधवार को होने वाला था, लेकिन मौसम प्रतिकूल होने से टेक-ऑफ की स्थिति नहीं बनी।

स्पेसएक्स ने फाल्कन 9 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण कर रचा इतिहास

अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि निजी कंपनी स्पेसएक्स ने पहली बार नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ फाल्कन 9 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण कर इतिहास रच दिया है।

ट्रम्प ने स्पेसएक्स के सफल राॅकेट प्रक्षेपण को अमरीका की महत्वाकांक्षाओं के नए दौर की शुरुआत करार दिया। उन्होंने कहा कि देश के पूर्ववर्ती नेताओं ने हमारे अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए दूसरे देशों की दया पर छोड़ दिया था। अब और नहीं। उन्होंने कहा कि 2011 में अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण पर विराम के बाद अमरीका से नासा के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रॉकेट का अब यह पहला सफल प्रक्षेपण इतिहास का एक अध्याय बन गया है।

उल्लेखनीय है कि अमरीका की किसी निजी कंपनी ने पहली बार कोई राकेट अंतरिक्ष में भेजा है और वह भी ऐसे समय, जब समूची दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप से दो-चार हो रही है। इसी वायरस के परिप्रेक्ष्य में अमरीका की चीन और रूस ही नहीं बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ भी खींचातानी चल रही है। कोरोना वायरस के मौजूदा संकट से परे नासा के अधिकारियों का कहना है कि नौ साल बाद अंतरिक्ष में रॉकेट का प्रक्षेपण देश और देशवासियों का मनोबल बढ़ाने में सहायक होगा।