इतिहास में पहली बार सरकाई गई वनखंडेश्वर महादेव मंदिर की अखंड ज्योति

इतिहास में पहली बार सरकाई गई वनखंडेश्वर महादेव मंदिर की अखंड ज्योति
इतिहास में पहली बार सरकाई गई वनखंडेश्वर महादेव मंदिर की अखंड ज्योति

भिंड । मध्यप्रदेश के चंबल संभाग के भिंड जिले में पिछले दो दिन से लगातार जारी बारिश के बीच 11वीं सदी के वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में पानी भरने से यहां जल रही अखंड ज्योति को मंदिर के इतिहास में पहली बार पुजारियों ने दूसरे स्थान पर रखा है।

कहा जाता है कि मंदिर के निर्माण के समय से यहां अखंड ज्योति जल रही है। इस बार मंदिर के गर्भगृह में पानी भरने से इस ज्योति को शिफ्ट किया गया है। मंदिर के शिवलिंग के भी पानी में डूबने की खबर है।

पिछले दाे दिन से जारी बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। पानी भरने से नयागांव के पुरानी गढिया गांव को खाली कराकर रहवासियों को निजी स्कूलों में शिफ्ट किया गया है। चंबल नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 119.80 से 4.17 मीटर नीचे 115.63 तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा बरसात जिले के मेहगांव में 7.5 इंच रिकॉर्ड हुई है। वहीं जिले भर में 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई।

कलेक्टर आशीष गुप्ता ने बारिश को देखते हुए प्राइमरी और मिडिल स्कूलों मे दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। लगातार 21 घंटे की बारिश ने शहर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है। जिले का गौरी सरोवर ओवरफ्लो होने से सडक पर करीब पांच फीट तक पानी आ गया, ऐसे में यहां आवागमन पूरी तरह बंद है। शहर के एक दर्जन से ज्यादा इलाके जलमग्न रहे।