डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में हो परमाणु निरस्त्रीकरण: किम जोंग

First work pierede of Donald Trump to be permanu Disarmament: Kim Jong
First work pierede of Donald Trump to be permanu Disarmament: Kim Jong

सोल । उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कहा है कि वह चाहते है कि कोरियाई प्रायद्वीप का परमाणु निरस्त्रीकरण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान हो जाए।

दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा किम इसी महीने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ तीसरे सम्मेलन में हिस्सा लेने पर सहमत हो गये हैं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार चुंग ईयू-योंग ने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयोंग में श्री किम से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि दोनों नेता सितम्बर 18-20 को उत्तरी कोरिया की राजधानी में बैठक करेंगे। वे बैठक में परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए उठाये जाने वाले व्यावहारिक कदमों पर चर्चा करेंगे।

किम ने दक्षिण कोरिया के अधिकारियों से कहा कि ट्रंप को लेकर उनके विश्वास में कोई बदलाव नहीं आया है। वह चाहते है कि श्री ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान कोरियाई प्रायद्वीप का परमाणु निरस्त्रीकरण और उत्तर कोरिया-अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे शत्रुतापूर्ण संबंधों पर विराम लग जाए। ट्रंप का कार्यकाल वर्ष 2021 में समाप्त होना है।

किम ने पहली बार दक्षिण कोरिया के अधिकारियों के समक्ष देश के परमाणु हथियारों को नष्ट करने की समय सीमा का प्रस्ताव रखा है। चुंग के अनुसार श्री किम ने कहा कोरियाई प्रायद्वीप के संपूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने संकल्प को फिर से दोहराया और इस संबंध में अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया के साथ सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की।

चुंग के अनुसार किम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा उनके संकल्प पर संदेह जताने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया निरस्त्रीकरण के लिए समयबद्ध तरीके से कदम उठा रहा है।

किम ने कहा कि वह इस बात की सराहना करते हैं कि उनकी नेकनीयती को सद्भावपूर्ण ढ़ंग से स्वीकार किया गया। बुधवार को हुई बैठक में किम ने जोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया निरस्त्रीकरण को लेकर शुरुवाती कदम उठा चुका है। इसके तहत भूमिगत परमाणु परीक्षण स्थल और मिसाइल इंजन केंद्र को नष्ट किया गया। उत्तर कोरिया ने परमाणु और लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण स्थलों को नष्ट कर दिया।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और अन्य दूतों को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयोंग भेजा था ताकि बातचीत करके इस वर्ष होने वाले तीसरे अंतर कोरियाई सम्मेलन का एजेंडा और समय तय किया जा सके और परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच वार्ता के गतिरोध को समाप्त किया जा सके।

किम और ट्रंप के बीच जून में सिंगापुर शिखर सम्मेलन में कोरियाई प्रायद्वीप के संपूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण और स्थायी शांति स्थापना की दिशा में काम करने को लेकर सहमति बनी थी लेकिन इस समझौते के क्रियान्वयन को लेकर वार्ता में गतिरोध उत्पन्न हो गया था। इस बीच उत्तर कोरिया की ओर से परमाणु कार्यक्रमों को जारी रखने के भी संकेत प्राप्त हुए थे। ट्रंप में अगस्त में वार्ता में गतिरोध उत्पन्न होने पर विदेश मंत्री माइक पोम्पेओं की उत्तर कोरिया यात्रा को रद्द कर दिया था।