विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में चौथे स्थान पर पहुंचा भारत

मुंबई। देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार 10वें सप्ताह बढ़ता हुआ 608 अरब डॉलर से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। इसके साथ ही भारत रूस से आगे निकलते हुये इस मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 11 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा का देश का भंडार 3.07 अरब डॉलर बढ़कर 608.08 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले चार जून को समाप्त सप्ताह में यह 6.84 अरब डॉलर बढ़कर 605.01 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर रहा था और रूस के मुकाबले मामूली अंतर से कम था।

रूस का विदेशी मुद्रा भंडार 11 जून को समाप्त सप्ताह में 0.40 अरब डॉलर घटकर 604.80 अरब डॉलर रह गया है। अब इस मामले में भारत चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद चौथे स्थान पर है। चीन के पास मई तक 3,362 अरब डॉलर, जापान के पास अप्रैल तक 1,378 अरब डॉलर और स्विटजरलैंड के पास अप्रैल तक 1,070 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा का खजाना था।

केंद्रीय बैंक ने बताया कि 11 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 2.57 अरब डॉलर बढ़कर 563.46 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान स्वर्ण भंडार 49.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 38.10 अरब डॉलर का हो गया।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 1.10 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 5.01 अरब डॉलर पर पहुँच गई जबकि विशेष आहरण अधिकार 10 लाख डॉलर घटकर 1.51 अरब डॉलर पर रहा।