अजमेर को मिली सौगात, नगर वन उद्यान का लोकार्पण

अजमेर। अजमेर में 75 हेक्टर क्षेत्र में बने नगर वन उद्यान का शुक्रवार को वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री सुखराम विश्नोई ने लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश भर में पर्यावरण को बनाए रखने के लिए स्मृति वन बनाएगी। उन्होंने पेड़ों की महत्ता बताते हुए सभी से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि स्मृति वन वहां वन भूमि उपलब्ध है वहां बनाए जाएंगे। इसी प्रकार जिस नगर में वन भूमि उपलब्ध नहीं है वहां स्वायत्त संस्थाओं के सहयोग से भूमि प्राप्त कर उन्हें स्मृति वन के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अजमेर के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भी सभी के सहयोग से ऎसे ही नगर वन उद्यान को बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने पेड़ों की महत्ता बताते हुए कहा कि पेड़ हमें आक्सीजन देते हैं जिससे पर्यावरण शुद्ध रहता है तथा हमारे फेफड़े भी स्वस्थ रहते हैं।

उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह किया। उन्होने खेजड़ी वृक्षों की उपयोगिता के संबंध में भी बताया और कहा कि खेजड़ी तुलसी का रूप है। इस पेड़ के नीचे अन्य पौधे भी अच्छी तरह से पनप सकते है।

वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने विलायती बबूल के स्थान पर छायादार पौधे लगाए हैं। वहीं प्रदूषण कम करने के भी प्रयास किए गए हैं ताकि लोगों को शुद्ध हवा मिल सकें। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जा रही है।

समारोह में अजमेर उत्तर के विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि सभी अधिकारियों की मेहनत से आज यह नगर वन उद्यान बहुत अच्छा विकसित हुआ है। प्रदूषण रोकने के लिए कार्य करने की जरूरत है ताकि सभी स्वस्थ रह सके। उन्होंने आमजन से भी जागरूक रहते हुए शहर को प्रदूषणमुक्त करने का आग्रह किया।

वहीं अजमेर दक्षिण की विधायक अनिता भदेल ने प्रदेश के प्रत्येक नगर में वन भूमि पर ऎसे वन उद्यान बनाने की जरूरत बताई ताकि वातावरण शुद्ध रहे तथा उन भूमियों पर कोई अतिक्रमण भी ना हो सके। ऎसी भूमि का चिन्हिकरण किया जाना चाहिए।

इस मौके पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि अजमेर को नगर वन उद्यान के रूप में यह सौगात मिली है। अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भी ऎसा ही नगर वन उद्यान विकसित किया जाना चाहिए। इसमें जन सहयोग के साथ विधायक मद से भी मदद मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि वनों के विकास से पर्यावरण की रक्षा होगी तथा सभी स्वस्थ एवं सुरक्षित रहेंगे। इस मौके पर महेन्द्र सिंह रलावता ने भी वृक्षों को बचाने तथा अधिक से अधिक फल एवं छायादार पौधे लगाने पर जोर दिया। उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए विश्नोई समाज के योगदान को भी याद किया।

समारोह में वन संरक्षक राजेश कुमार जैन से बताया कि नगर वन उद्यान योजना, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण योजना है। प्रदेश के चार नगर वन उद्यान केन्द्रों में से अजमेर शहर में 75 हेक्टर महुआ बीड वन खण्ड मे शहर के बीचों बीच विकसित किया गया है। जिस पर कुल एक करोड 27 लाख रूपए व्यय हुए है। आने वाल समय में और भी राशि व्यय की जाएगी।

उन्होंने बताया कि नगर वन उद्यान में 915 रनिग मीटर दीवार निर्माण, 5 पानी के टैंक का निर्माण, 4 जल संरक्षण संरचनाएं, 650 रनिंग मीटर पुरानी दीवार की मरम्मत, पांच हजार औषधीय पौधे का रोपण, साईकिल/जॉगिंग ट्रेक, वन रक्षक चौकी कम, टिकट विंडो, 4 बायोटोयलेट, 3 झोपा का निर्माण, एक वॉच टॉवर, एक किलोमीटर पैदल चलने का पथ निर्माण, बगीचे एवं मनोरजंन पार्क बनाए गए है।

प्रारंभ में गाईड बालिकाओ द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। वहीं अंत में उप वन संरक्षक सुदीप कौर ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा बताया कि नगर वन उद्यान आज से आमजन के लिए खोल दिया गया है। प्रारंभ में यह प्रतिदिन सुबह दो घंटे 6 बजे से 8 बजे तक खुला रहेगा।

इस मौके पर वन संरक्षक सीआर मीणा, अतिरिक्त कलक्टर शहर सुरेश कुमार सिंघी, कांग्रेस नेता सबा खान सहित समस्त पार्षद, स्काउट- गाईड, वन विभाग के अधिकारीगण, स्काउट के अधिकारीगण एवं आमजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन स्काउट के राज्य सहायक संगठन आयुक्त विनोद दत्त जोशी ने किया।