‘अटलमय’ हुई नवाब नगरी, राजनीति के पुरोधा को मिला गोमती का स्पर्श

former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee’s ashes immersed in gomti river in lucknow

लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा में गुरूवार को यहां अनेकता में एकता की मिसाल देखने को मिली जब भारत रत्न के सम्मान में उमड़े जनसैलाब के बीच विभिन्न विचारधाराओं वाले राजनीतिक दलों के नेताओं और गणमान्य हस्तियों ने मंच साझा कर राजनीति के पुरोधा के देश और समाज के प्रति किए गए योगदान की जमकर सराहना की।

रिमझिम बरसात के बीच सूर्यास्त के समय अस्थि कलश को पतित पाविनी गोमती नदी में विसर्जित करने से पहले झूलेलाल पार्क में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने वाजपेयी से जुड़ी यादों को साझा किया और उन्हें देश दुनिया का महान एवं सर्वमान्य नेता बताया। इस मौके पर विभिन्न समुदायों के धर्मगुरू भी मौजूद थे।

इससे पहले केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडेय विशेष विमान से दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री का अस्थिकलश लेकर दोपहर करीब एक बजे चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पहुंचे, जहां राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डा. दिनेश शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र, केन्द्रीय मंत्री कृष्णा राज, शिव प्रताप शुक्ला और विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित समेत भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और सरकार के मंत्रियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर अटल के सम्मान में गार्ड आॅफ आॅनर भी दिया गया।

हवाई अड्डे से लखनऊ के पूर्व सांसद का अस्थि कलश विशेष रूप से सजे वाहन पर झूलेलाल पार्क के लिये रवाना हुआ तो लगभग समूचा लखनऊ ‘अटलमय’ दिखाई पड़ा। अपने प्रिय नेता के अस्थिकलश की एक झलक पाने के लिए व्याकुल लोग बारिश में भींगते हुए सड़क के दोनाें ओर कतार बांध कर खड़े थे। मकानों की छतों और छज्जों पर खड़ी महिलाओं और बच्चों ने पुष्पवर्षा कर अपने चहेते नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

अस्थि कलश के साथ राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा के अलावा केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, शिवप्रताप शुक्ल, डा महेंद्रनाथ पांडेय समेत तमाम लोग शामिल रहे। अस्थिकलश का रथ भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पहुंचा और वहां से उसे झुलेलाल पार्क लाया गया जहां विपक्षी दलों के तमाम बड़े नेताओं और गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

झूलेलाल पार्क में आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में राज्यपाल राम नाईक ने वाजपेयी को भारतीय राजनीति का महानायक बताते महान नेता के साथ अपने संस्मरण साझा किये। उन्होंने कहा कि 1957 में जनसंघ जब बाल्यावस्था में था, उस समय उन्होंने उत्तर प्रदेश से लगातार तीन स्थानों पर एक साथ चुनाव लड़ने की हिम्मत दिखाई। मथुरा और लखनऊ सीट से वह चुनाव हार गये लेकिन बलरामपुर से उन्होंने लोकसभा की देहरी लांघने में सफलता हासिल की। वह वास्तव में लोकनायक थे।

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने युवा अटल की प्रतिभा को भांप कर उनके प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी। वाकपटुता के माहिर सरल हृदय वाजपेयी अगर प्रधानमंत्री ना भी होते तो भी उनकी यही लोकप्रियता होती। लोगों से खुद को जोड़ने की कला के अलावा उनको कूटनीति और युद्धनीति में बेजोड़ महारथ हासिल थी। कारगिल युद्ध पर पूरी दुनिया ने उनकी कुशल कूटनीति देखी जबकि पोखरण विस्फोट की जानकारी की भनक उन्होंने अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए को भी नहीं लगने दी थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद महायुग का अवसान है। गांधी जी के सिद्धांतों को अमल में लाने में अटल जी का योगदान था। भारत के ढांचागत निर्माण में उनकी स्वर्णिम चतुर्भुज योजना याद रखी जाएगी। अटल जी की स्मृति सदैव जुड़ी रहेंगी।

इस मौके पर समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने श्री वाजपेयी को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नेता बताते हुए कहा कि उनके लिए देश हित सर्वोच्च था। वह सारे देश के नेता थे। उनका निधन वास्तव में समूचे राष्ट्र की अपूर्णनीय क्षति है। पूरी दुनिया उनका सम्मान करती थी। सारे दल उनका सम्मान करते थे। वह सबके साथ समान व्यवहार करते थे। उनके लिये ऊंच नीच का भेदभाव नहीं था।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका सियासी आचरण बेजोड़ था। मैं फ्लाइट से जा रहा था वहां अटल जी बैठे थे। उन्होंने मुस्कुरा कर देखा। मुझे बढ़ते देख तो खड़े रहे। मैंने आशीर्वाद मांगा कि मेरे मुंह से ऐसा कुछ न निकले जिससे मैं छोटा पड़ जाऊं। उन्होंने कहा कि तुम ऐसा नहीं करोगे। पीएम पद की गरिमा को बड़ा किया।

शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि लखनऊ और अटल जी का कोई सियासी संबंध नहीं था। उनका मुहब्बत का संबंध था। वह शांति के दूत अमन के पैगम्बर थे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश के 16 अलग-अलग स्थानों की प्रमुख नदियों में भारत रत्न की अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय से शुक्रवार को सुबह नौ बजे प्रमुख नदियों में अस्थियों के विसर्जन के लिए 16 कलश रवाना किए जाएंगे। कलश को प्रदेश सरकार के एक मंत्री और पार्टी के एक प्रदेश पदाधिकारी अपने साथ लेकर जाएंगे।