रेलवे से दिल्ली को सोमवार को मिलेगी चार टैंकर ऑक्सीजन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना महामारी के चलते ऑक्सीजन को लेकर मची हाहाकार के बीच रेलवे दिल्ली को 24 घंटे के भीतर 70 टन क्षमता वाले चार टैंकर लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) उपलब्ध कराने जा रही है।

छत्तीसगढ़ स्थित रायगढ़ के जिंदल स्टील से ऑक्सीजन को लेकर रविवार रात भारतीय रेलवे की आक्सीजन एक्सप्रेस रवाना हुई जो सोमवार शाम तक दिल्ली पहुंच जाएगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनीत शर्मा ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि ये स्पेशल ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन राजधानी दिल्ली के कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। यहां से दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन सरकार अपने हिसाब से पहुंचाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अनुरोध से टैंकर पहले मिल गए होते तो अब तक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो गई होती। इससे पहले रेलवे ने अपने मिशन ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिये 150 टन ऑक्सीजन को उनके मंजिल तक पहुंचाया है।

विशाखापत्तनम और बोकारो में एलएमओ से भरे 10 टैंकरों को वर्तमान में भारतीय रेलवे की रो-रो सेवा के माध्यम से लखनऊ, वाराणसी, नासिक और नागपुर 24 घंटे में पहुंचाया गया। इसके लिए रेलवे की ओर से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था।

दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। कोरोना संक्रमण की ताजा लहर से ऑक्सीजन की मांग काफी बढ़ी है। ऑक्सीजन को लेकर दिल्ली सरकार ने आज कुछ औद्योगिक घरानों को भी पत्र लिख कर मदद की गुहार लगाई है।

कोविड कोच के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि भारतीय रेलवे ने मांग के अनुसार राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में कोविड कोच तैनात किए हैं। इसमें दिल्ली में 50 डिब्बे (800 बिस्तर के साथ) शकूरबस्ती स्टेशन पर तैनात किए गए हैं। वर्तमान में यहां चार मरीज वर्तमान में भर्ती हैं। जबकि 25 डिब्बे (400 बिस्तर के साथ) आनंद विहार टर्मिनल पर उपलब्ध हैं।

महाराष्ट्र के नंदुरबार में 21 डिब्बे (378 बिस्तर के साथ) तैनात हैं और वर्तमान में इन डिब्बों में 55 रोगियों को भर्ती किया गया है। भोपाल स्टेशन पर, 20 डिब्बे तैनात किए गए हैं। पंजाब में तैनाती के लिए 50 डिब्बे तैयार किए गए हैं। 20 डिब्बे मध्य प्रदेश के जबलपुर में तैनाती के लिये तैयार किए गए हैं।

राज्य सरकारों की मांग पर ये आइसोलेशन केंद्र हल्के और मध्यम लक्षणों वाले रोगियों की जरूरतों को पूरा करेंगे। इनमें प्रति कोच दो ऑक्सीजन सिलेंडर भी लगाए गए हैं। रेलवे इन रोगियों को खानपान व्यवस्था प्रदान करने और इन कोचों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सभी प्रयास कर रही है।