जम्मू के सिख नेताओं ने कथित धर्म परिवर्तन पर जताई नाराजगी

जम्मू। सिख युवा सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष तेजिंदर पाल सिंह ने कश्मीर घाटी में कथित धर्म परिवर्तन और समुदाय की दो लड़कियों की जबरन शादी पर सोमवार को गंभीर चिंता व्यक्त की।

सिंह ने यहां जारी एक बयान में कहा कि यह विडंबना है कि जिस समुदाय के लोगों ने सिख लड़कियों को धर्मांतरण के लिए मजबूर किया, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरुद्ध आंदोलन के दौरान देश के कई स्थानों से उसी समुदाय की लड़कियों को सुरक्षित घर पहुंचाने वाले सिख समुदाय के लोग ही थे।

लेकिन जब उनके समुदाय की दो लड़कियों को कुछ व्यक्तियों ने शादी के लिए मजबूर किया, तो समुदाय विशेष का एक भी नेता सिख लड़कियों के जबरन धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए आगे नहीं आया।

उन्होंने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कश्मीर घाटी में एक सिख लड़की की बंदूक की नोंक पर बड़ी उम्र के व्यक्ति के साथ जबरन शादी कर दी गई।

सिख युवाओं ने सरकार से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कानून की तर्ज पर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में एक मजबूत कानून लाने की भी अपील की। यह कानून अंतर-धार्मिक विवाह के मामले में माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य करता है ताकि जम्मू-कश्मीर में, विशेष रूप से कश्मीर घाटी में सिख समुदाय की लड़कियों के ‘जबरन विवाह’ को रोका जा सके।

युवा नेता ने कहा कि एक तरफ सरकार का दावा है कि हमें कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाना है, लेकिन दूसरी तरफ अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं।