तीर्थराज में मां गंगा ने अपनी लहरों से किया हनुमान का जलाभिषेक

Teertharaaj mein maa ganga ne kiya hanuman ka Jalabhishek

Teertharaaj mein maa ganga ne kiya hanuman ka Jalabhishek

प्रयागराज | तीर्थराज प्रयागराज में बंधवा पर लेटे नगर देवता हनुमान का गंगा ने अपनी लहरों से जलाभिषेक कर उनके पांव पखारे।

रविवार की रात आठ बजे गंगा का जल बंधवा स्थित लेटे नगर देवता बड़े हनुमान मन्दिर के कैंपस में पहुंच गया था। पानी में ही खड़े होकर मंदिर के महंत नरेन्द्र गिरी ने दूध, फूल, फल और मिष्ठान के साथ मां गंगा की विशेष पूजा की। इसके बाद उनकी आरती उतारी गयी।

मंदिर के महंत नरेन्द्र गिरी ने बताया कि आरती समाप्त होने के बाद (करीब नौ बजे) गंगा की लहरों ने सीढ़ियों के रास्ते कल-कल करते गर्भ गृह में प्रवेश कर हनुमानलला का जलाभिषेक किया और पांव पखारे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की और मां-बेटे के इस विशेष मिलन के साक्षी बने। मान्यता है कि मानसून के दौरान हर साल मां गंगा हनुमानलला का जलाभिषेक करने आती हैं।

उन्होने कहा कि यह गंगा मइया और हनुमान जी की कृपा है कि मंदिर कैंपस में गंगा और यमुना का जल पहुंचने के बाद भी गर्भ में तब तक प्रवेश नहीं करता जब तक हनुमान लला की आरती नहीं उतारी जाती। जैसी ही आरती समाप्त हुई गंगा मइया का जल गर्भ गृह में प्रवेश कर हनुमान लला का अभिषेक किया।

गिरी ने बताया कि मां गंगा द्वारा जलाभिषेक के साथ ही मंदिर के कपाट बन्द कर दिए गए। उन्होने बताया कि जहां लोग बाढ़ के नाम से घबराते हैं वहीं प्रयागराज के लोग हर साल यही कामना करते हैं कि मां गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो और मां गंगा हनुमान जी का जलाभिषेक करें।

महंत गिरी ने बताया कि गर्भ गृह और आस-पास पानी भरा हुआ है। पानी घटने के बाद मंदिर की सफाई की जायेगी अौर उसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए जायेंगे।

उन्होने बताया कि मान्यता है कि जिस वर्ष मां गंगा हनुमानलला का जलाभिषेक करती हैं उस वर्ष प्रयागराज ओर उसके आसपास सुख और समृद्धि बढ़ती है और लोगों को किसी प्रकार के दैविक प्रकोप का भय नहीं रहता।