दिल्ली की भरी अदालत में चली गोलियां, तीन कुख्यात बदमाश ढेर

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रोहिणी में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान गोलीबारी हुई। इस अप्रत्याशित घटना में हत्या, रंगदारी, पुलिस पर हमले करने के मामले में सात लाख का इनामी कुख्यात जितेन्द्र मान उर्फ गोगी मारा गया। इस दाैरान स्पेशल सेल ने उन दो बदमाशों को भी मार गिराया जो उसे मारने आए थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजय यादव ने बताया कि मृतक बदमाशों की पहचान जितेंद्र मान गोगी, राहुल और जगदीप के रूप में हुई है। गोगी दिल्ली के अलीपुर का और राहुल कंझावला का रहने वाले थे जबकि जगदीप हरियाणा के कुरूक्षेत्र का निवासी था।

गोगी सात लाख रूपए का इनामी बदमाश है। अनेक लोगों की हत्या एवं पुलिस हिरासत से कई बार फरार यह बदमाश बीते साल हरियाणा के गुरुग्राम में स्पेशल सेल की कार्रवाई में पकड़ा गया था। तब से वह तिहाड़ जेल में बंद था। उसे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गगनदीप सिंह की अदालत (कमरा संख्या 207) में पेशी के लिए लाया गया था। इसी दौरान गोलीबारी की इस घटना को अंजाम दिया गया और ये दोनों बदमाश वकीलों की ड्रेस में अदालत में आए थे।

दिल्ली पुलिस उपायुक्त (अपराध) एवं प्रवक्ता (पीआरओ) चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि शुरूआती जांच में पता चला है कि एक बदमाश गोगी अपने प्रतिद्वंदवी गिरोह टिल्लू गैंग के गुर्गों की गोली से मारा गया, जबकि टिल्लू गैंग के राहुल और जगदीप दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन एवं स्पेशल सेल के एक संयुक्त दल की जवाबी कार्रवायी में ढेर हुए। दोनों के बारे में उपलब्ध जानकारियों की सच्चाई का पता लाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि गोलीबारी की इस घटना के बाद दिल्ली की सभी अदालतों की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है तथा तैनात पुलिस कर्मियों को विशेष सर्तकता बरने के निर्देश दिए गए हैं।

बिस्वाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गोगी को उसके दुश्मन टिल्लू ताजपुरिया गिरोह के गुर्गे 50 हजार के इनामी बदमाश राहुल और जगदीप ने करीब से गोली मारी। दोनों वकील की पोशाक में पिस्तौल छुपाकर लाए थे।

उसने अदालत में पेशी के लिए आए गोगी गोली पर अचानक हमला कर दिया और उस समय न्यायाधीश मामले की सुनवाई कर रहे थे। घटना के बाद अफरातफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल पूरे अदालत परिसर को सील कर दिया।

उन्होंने बताया कि गोगी दिल्ली के ग्रामीण इलाके अलीपुर का निवासी है। उस पर हत्या, पुलिस पर हमला करने, पुलिस हिरासत से भागने, फिरौती, रंगदारी मांगने समेत करीब दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। राहुल और जगदीप उर्फ मनीष के कई संगीन अपराधों में शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि गोगी और टिल्लू कभी बेहद करीबी दोस्त थे, लेकिन 10 वर्षों से एक दूसरे के खून के प्यासे बने हुए थे। सात साल पूर्व टिल्लू के करीबी राजू की हत्या के बाद दोनों गिरोह के बीच कई बार गैंगवार की घटनाएं हुईं, जिनमें दोनों के 20 से अधिक गुर्गे मारे गए।

गोगी पर 2017 में हरियाणवी डांसर हर्षिता की गोली मारकर हत्या करने के आरोप लगे। इसके बाद वह काफी चर्चा में आ गया। हालांकि, इससे पहले और बाद के वर्षों में भी वह हत्या, रंगदारी मांगने समेत अनेक घटनाओं को अंजाम देने का आरोपी ठहराया गया।

यह भी कहा जाता है कि टिल्लू और गोगी तिहाड़ जेल में रहकर अपराध की बड़ी घटनाओं को अंजाम तक पहुंचाते थे। दोनों के हरियाणा एवं दिल्ली में अन्य गिरोहों की अपेक्षा अधिक शार्पशूटर हैं, जो इशारा मिलते ही हत्या को अंजाम देने में जरा भी नहीं हिचकते।