आबू की नक्की झील उमडने लगा पितृ तर्पण करने वालों का सैलाब

माउंट-आबू(सिरोही)। अभी आदिवासियों का महाकुंभ-पीपली पूनम का आबू मेला 20 दिन दूर है। लेकिन पिछले 2 साल में लॉकडाउन के कारण पितृ तर्पण नहीं कर पाए आदिवासी अब समय पूर्व ही आबू की वादियों में वाहनों में सवार होकर साप्ताहिक रवि और सोमवार को बहुतायात तादाद में नक्की झील के घाट पर विसर्जन की रस्म अदा करते देखे जा रहे हैं।

निचलागढ़, करजिया, मूदरला के दो दर्जन वाहनों में पहुंचे आदिवासी

पूर्व में सोमवार को ही ज्यादा लोग आने लगे थे लेकिन, अब रविवार को भी नक्की पर रस्म अदा करता जमघट दिखाई पड़ता है। रविवार को भी आबूरोड के निचलागढ़, मूदरला, रेवदर के करजिया, गांवों से दो दर्जन चौपहिया वाहनों एवं अनेक दुपहिया वाहनों में सवार होकर ग्रामीणों ने नक्की झील पर अपने दिवंगत परिजनों की अस्थि विसर्जित की।

अस्थि विसर्जन में शरीक दिवंगतों के परिजन निचलागढ निवासी सचिन गरासिया, विशाराम, मैहलाराम, आकैश, मणाराम, लालाराम, रागाराम, सोनाराम, भगाराम, गमाराम, मंसाराम, माधूराम, पूर्व उप सरपंच दीताराम, को स्नान के बाद करीबी आगंतुकों और ग्राम वासियों ने प्रचलित नैग अदा किया। और प्रसादी वितरण के बाद लौट चलें।