गहलोत सरकार को नागरिकता संशोधन कानून लागू करना ही होगा : सतीश पूनिया


जयपुर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्ताव लाया जा रहा है। इस प्रस्ताव के विरोध में राजस्थान में बसे शरणार्थी व विस्थापित समाज के लोगों द्वारा शुक्रवार को जयपुर में 22 गोदाम पर विशाल धरना-प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनिया ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार नागरिकता संशोधन विधेयक का कितना ही विरोध कर ले, किन्तु उसे लागू करना ही पड़ेगा।

डाॅ. पूनिया ने कहा कि हम सभी यहां एकत्रित होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार व्यक्त करने आए हैं। भाजपा सरकार की बदौलत ही उत्पीड़ित और प्रताड़ित लोग जिनका जीवन मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में नहीं आता, लेकिन उनके दुख और दर्द को समझकर मोदी सरकार ने इतना बड़ा फैसला लिया और तमाम विस्थापित भाईयों को उनको अपनी सरजमीं पर इज्जत के साथ रहने का हक दिया।

इस धरने पर उपस्थित विशाल संख्या से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्थान में नागरिकता संशोधन विधेयक सरकार को लागू करना ही पड़ेगा। पूनिया ने कहा कि कांग्रेस ने देश में भ्रम फैलाते हुए वोट बैंक की राजनीति की और एक कौम को ही खुश करने में लगी रहीं, उसका भी भला कांग्रेस आज तक नहीं कर पाई और ना ही देश का भला कर पाई। क्योंकि कांग्रेस हमेशा से ही देशहित को दूर रखकर सिर्फ तुष्टीकरण की नीति पर चलकर सत्ता प्राप्त करने में लगी हुई है।

गहलोत अब विधानसभा में विधेयक के विरोध में कानून पारित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि असंवैधानिक है। कोई अनभिज्ञ भी जो कि इस देश को मानता है, यहां के रीति-नीति को मानता, संविधान को मानता है वह भी बता देगा लोकसभा एवं राज्यसभा में पारित कानून को कोई भी राज्य नकार नहीं सकता, उसे कानून लागू करना ही पड़ेगा। नागरिकता देना केन्द्र सरकार का अधिकार है।

पूनिया ने कहा कि केन्द्र सरकार ने नागरिकता संशोधन विधेयक पारित कर हजारों विस्थापितों जो भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़ित और प्रताड़ित थे, उनके दर्द को दूर किया। लेकिन कांग्रेस शुतुरमुर्ग की तरह जमीन में गर्दन डालकर अनभिज्ञ बन रही है।

पूनिया ने कहा कि आज मुख्यमंत्री गहलोत ने सदन इसलिए बुलाया कि 28 तारीख को राहुल गांधी को रिपोर्ट कर सकें कि कांग्रेस सरकार ने सदन में सीएए का विरोध किया है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार सत्ता के दंभ में है, इसलिए ये पीड़ित माताओं और बहनों के आंसुओं को नहीं पोंछ पा रहे हैं।

डाॅ. पूनिया ने कहा कि कश्मीर में 370 को खत्म करके सही मायनों में दो झंडों से, दो विधान से और दो प्रधान से मोदी सरकार ने मुक्ति दिलाई। कांग्रेस वर्षों तक उनके वोट तो लेती रही, लेकिन भला आज तक नहीं कर पाई और मोदी सरकार ने उन माताओं और बहनों के आंसू पौंछे, जो तलाक-तलाक जैसे तीन बार कहे जाने वाले शब्दों से पीड़ित थी।