आम बजट 2021-22 में स्वास्थ्य, अनुसंधान और मानव संसाधन पर जोर

General Budget 2021-22 presented in Lok Sabha
General Budget 2021-22 presented in Lok Sabha

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट में स्वास्थ्य एवं देखभाल, वित्तीय पूंजी एवं बुनियादी ढ़ांचा , आकांक्षी भारत के लिए समग्र विकास, मानव संसाधन विकास, अनुसंधान एवं नवाचार और न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन पर जोर दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि यह छह स्तंभों पर आधारित है जिनमें स्वास्थ्य एवं देखभाल, वित्त पूंजी एवं बुनियादी ढांचा, आकांक्षी भारत में समग्र विकास, मानव संसाधन का विकास, नवाचार एवं अनुसंधान और न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन शामिल है।

उन्हाेंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में बुनियादी ढ़ांचे में निवेश करने से स्थिरता आएगी। इसके लिए बचाव, निदान और देखभाल पर जोर दिया जाएगा। केंद्र सरकार अगले छह वर्ष के लिए 64 हजार 180 करोड रुपए की योजना शुरू करेगी जो स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली, निदान केंद्रों के विकास और उभरती बीमारियों से निपटने के प्रयासों पर केंद्रित होगी।

सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन कार्यक्रम पर 35400 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है। मिशन पोषण अभियान 2.0 की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए हर जिले में पोषण को बढ़ावा देने के कार्यक्रम बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट दो लाख करोड़ रूपए का होगा।

न्यूमोकोकल वैक्सीन का कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जाएगा। इससे प्रतिवर्ष 50 हजार बच्चों की जान बचाने में मदद मिलेगी। फिलहाल यह वैक्सीन पांच राज्यों में दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 से अगले पांच वर्ष के लिए स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है जिसके लिए एक लाख 41 हजार 678 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें मल प्रबंधन, गंदा पानी प्रबंधन, स्रोत पर पृथक्करण और शहरी निर्माण से उत्पन्न कचरे के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 2217 करोड़ रुपए की लागत से 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 42 शहरों में केंद्र बनाए जाएंगे। पुराने वाहनों की स्क्रीपिंग के लिए नीति लायी जा रही है। उन्होेंने उज्ज्वला योजना में एक करोड़ और परिवारों को जोड़े जाने की घोषणा की। अभी तक योजना से लगभग आठ करोड़ परिवारों को जोड़ा जा चुका है। साथ ही वर्ष 2021-22 में हाईड्रोजन ऊर्जा मिशन शुरू करने की घोषणा की।

सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में अगले पांच साल के लिए उत्पादन आधारित छूट योजना में 1.97 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जिससे भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर चैंपियन बनाने में मदद मिलेगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा कपडा उद्योग में वैश्विक स्तर का बुनियादी ढांचा बनाने के लिए अगले तीन साल में सात टेक्सआईल पार्क की स्थापना होगी।

उन्होंने कहा कि सडक परिवहन एवं राजमार्ग के लिए प्रस्तावित बजट में एक लाख 18 हजार 101 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जिसमें से एक लाख करोड से अधिक राशि बुनियादी ढांचा विकसित करने पर व्यय की जाएगी। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत मार्च 2022 तक 8500 किलोमीटर सड़क परियोजनाएं शुरू कर दी जाएगी और 11 हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि द्वितीय स्तर के शहरों और प्रथम स्तर के शहरों के बाहरी इलाकों में मेट्राे रेल के लिए नयी तकनीक इस्तेमाल की जाएगी जो कम लागत वाली और सुरक्षित होगी। बस परिवहन सेवा के लिए 18 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जिसका इस्तेमाल सरकारी – निजी भागीदारी के लिए होगा और निजी क्षेत्र को 20 हजार से अधिक बसें खरीदने, उनका संचालन करने तथा रख रखाव में मदद मिलेगी।

सीतारमण ने रेल विभाग के लिए रिकार्ड एक लाख 10 हजार 55 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया है जिसमें एक लाख सात हजार 100 करोड़ रुपए बुनियादी ढ़ांचे पर व्यय होंगे। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 तक देश में सभी ब्राड गेज रेललाइनों का विद्युतीकरण हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि पूंजी बाजार में एकरुपता और तर्कसंगतता लाने के लिए सेबी अधिनियम 1992, डिपोजिटरीज अधिनियम 1996 और सिक्योरीटीज कंट्रैक्टस् नियमन 1956 और सरकारी सिक्योरिटीज अधिनियम 2007 को मिलाकर शेयर बाजार संहिता लाई जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि 75 वर्ष से अधिक आयु और केवल पेंशन तथा ब्याज पर आश्रित व्यक्तियों को आयकर रिटर्न भरने की जरुरत नहीं होगी। आयकर रिटर्न फॉर्म में अब पूंजी बाजार से प्राप्त आय और बैंक जमा ब्याज के विवरण भी पहले से भरे होंगे। छोटे कर दाताओं की समस्या के समाधान के लिए विवाद समाधान समिति के गठन का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी संगठनों, निजी स्कूलों और राज्यों के सहयोग से 100 सैनिक स्कूल स्थापित किये जाएगें। इसके अलावा भारतीय उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना भी की जाएगी। लेह में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने ऑटो पार्ट, स्टील स्क्रू, प्लास्टिक विंडो पैन, चमड़ों, कीमती पत्थरों, कपास, सिल्क पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा की। इस्पात स्क्रैप पर एक साल के लिए सीमा शुल्क समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया। लोहा एवं इस्पात के आयात पर शुल्क घटाकर 7.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा चार सौ पुरानी सीमा शुल्क छूटों की समीक्षा की जायेगी। स्टार्टअप के लिए ‘टैक्स हॉलीडे’ की अवधि एक साल बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। किफायती आवास के लिए ब्याज पर कर छूट की अवधि एक साल बढ़ाने का प्रस्ताव है।