फॉक्सवैगन में फिर छंटनी की तैयारी, 2030 तक 12 हजार और नौकरियां घटाने की योजना

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बर्लिन। जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन ने अपने खर्चों में कटौती और कारोबारी प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए वर्ष 2030 तक 12,000 अतिरिक्त नौकरियां कम करने की योजना बनाई है। जर्मन अखबार ‘बिल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह कटौती कंपनी के पहले से स्वीकृत कार्यबल पुनर्गठन कार्यक्रम के अतिरिक्त होगी, जिसके तहत 35,000 से अधिक पदों में कमी की योजना बनाई जा चुकी है।

कंपनी का कहना है कि बदलते बाजार और बिगड़ती आर्थिक परिस्थितियों के बीच श्रम लागत कम करना जरूरी हो गया है। फॉक्सवैगन प्रबंधन अतिरिक्त कर्मचारियों की संख्या घटाने की प्रक्रिया को सामाजिक रूप से जिम्मेदार तरीके से पूरा करना चाहता है। इसके लिए कर्मचारियों को सरकारी सहायता प्राप्त पुनर्प्रशिक्षण कार्यक्रमों और वैकल्पिक रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रस्ताव है।

पहले से तय है 35 हजार से अधिक पद घटाने का लक्ष्य

फॉक्सवैगन और कर्मचारी यूनियन आईजी मेटाल के बीच दिसंबर 2024 में हुए समझौते के तहत जर्मनी में कंपनी के विभिन्न संयंत्रों में 2030 तक 35,000 से अधिक नौकरियां कम करने की योजना बनाई गई थी। अब कंपनी के ‘फ्यूचर प्लान 2030’ के तहत 12,000 अतिरिक्त पदों में कमी का लक्ष्य सामने आया है।

प्रबंधन के मुताबिक कंपनी को वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, लागत के दबाव और कारोबार की बदलती परिस्थितियों से निपटने के लिए अपने खर्चों और कार्यबल की संरचना में बदलाव करना पड़ रहा है। इसी रणनीति के तहत प्रशासनिक खर्चों में कटौती और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

यूनियन ने जताया विरोध, हड़ताल की चेतावनी

नौकरियों में अतिरिक्त कटौती की योजना को लेकर कर्मचारी संगठन आईजी मेटाल और कंपनी प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ने के संकेत हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यूनियन ने प्रस्तावित कदमों का विरोध किया है और 2027 से हड़ताल सहित औद्योगिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

फॉक्सवैगन और आईजी मेटाल के बीच नए सामूहिक समझौते को लेकर औपचारिक वार्ता 24 नवंबर 2026 से शुरू होने वाली है। कंपनी ने कहा है कि बातचीत में श्रम लागत, कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और कार्यबल में बदलाव से जुड़े उपायों पर चर्चा होगी।

कंपनी के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की चुनौती

फॉक्सवैगन का नया कदम ऐसे समय आया है, जब वैश्विक वाहन उद्योग में लागत घटाने और उत्पादन व्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का दबाव बढ़ रहा है। कंपनी के ‘फ्यूचर प्लान 2030’ का उद्देश्य खर्चों पर नियंत्रण के साथ बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना है।

हालांकि, प्रस्तावित अतिरिक्त कटौती को लागू करने का तरीका और कर्मचारियों पर इसका वास्तविक असर श्रमिक संगठन के साथ होने वाली बातचीत से तय होगा। सरकारी सहायता वाले पुनर्प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए प्रभावित कर्मचारियों को नए रोजगार के लिए तैयार करने की योजना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।