भारत यात्रा के दौरान जर्मन नौसेना प्रमुख शॉनबैक की टिप्पणियों पर बवाल

बर्लिन/नई दिल्ली। जर्मनी के नौसेना प्रमुख के-अकिम शॉनबैक के भारत में एक वार्ता के दौरान विदेश नीति पर दिए बयानों पर बवाल मचा हुआ है। शॉनबैक ने यूक्रेन संकट पर टिप्पणी व्यक्त करते हुए कहा था कि वह अपने धर्म के कारण ईसाई रूस को एक भागीदार बनाना चाहते हैं।

उन्होंने मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस में एक भाषण देते हुए कहा था कि यह एक बकवास है कि रूस, यूक्रेन के कुछ हिस्सों को अपने में शामिल करना चाहता है।

उन्होंने ने रूस को एक पुराना और महत्वपूर्ण देश बताते हुए कहा कि मेरे भगवान! किसी को सम्मान देने में क्या खर्चा होता है, कुछ भी नहीं। उसे वह सम्मान देना आसान है जो वह वास्तव में मांगता है और शायद वह इसका भी हकदार है।

उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन पर हमले में विश्वास नहीं करते हैं। वह चीन से मिलने वाले वास्तविक खतरे को देखते हैं और दुश्मन के बजाय रूस को एक भागीदार के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा ​​कि भारत और जर्मनी को चीन के खिलाफ रूस की जरूरत है।

शॉनबैक ने कहा कि मैं एक बहुत ही कट्टरपंथी कैथोलिक हूं, मैं ईश्वर और ईसाई धर्म में विश्वास करता हूं। रूस एक ईसाई देश है हालांकि पुतिन नास्तिक हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस बड़े देश में भले ही यह लोकतंत्र न हो, हमारा द्विपक्षीय साझेदार होने के कारण चीन को दूर रखा जा सकता है।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार शाम को यूक्रेन में जर्मन राजदूत अंका फेल्डहुसेन को जर्मन नौसेना के कमांडर-इन-चीफ, के-अकिम शॉनबैक द्वारा दिए गए बयानों पर अस्वीकार्यता जताई और इस संबंध में उन्हें तलब किया।

मंत्रालय ने कहा कि शॉनबैक नेअपने बयान में यह भी कहा कि क्रीमिया कभी यूक्रेन में नहीं लौटेगा और हमारा राज्य नाटो के लिए सदस्यता मानदंडों को पूरा नहीं करेगा।

उल्लेखनीय है कि नौसेना प्रमुख की टिप्पणी तब आई है जब रूस ने यूक्रेन की सीमाओं पर हजारों सैनिकों को इकट्ठा किया है और कई लोगों को चिंता है कि काम में एक आक्रमण हो सकता है।

उधर, रूस ने यूक्रेन के खिलाफ किसी भी योजनाबद्ध हमले से इनकार किया है। वहीं जर्मन सरकार ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।उसने शनिवार को शॉनबैक की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया।

जर्मनी के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शॉनबैक को अब अपने वरिष्ठ, महानिरीक्षक एबरहार्ड जोर्न को इस बारे में बताना होगा। इसके अतिरिक्त, जर्मनी का सत्तारूढ़ गठबंधन सोमवार को नौसेना प्रमुख के बयानों पर चर्चा करेगा।

इस बीच शॉनबैक ने अपने ट्विटर अकाउंट पर माफीनामा जारी किया है। उन्होंने ट्वीट किया कि झुंझलाने की कोई जरूरत नहीं है। यह स्पष्ट रूप से एक गलती थी।