जर्मनी के राष्ट्रप्रमुख आज करेंगे वाराणसी का दौरा

Germany National President to Visit Varanasi Today
Germany National President to Visit Varanasi Today

SABGURU NEWS | यूरोप के सबसे बड़े और विश्व के छठे भारत के व्यापार सहयोगी देश जर्मनी के राष्ट्रप्रमुख की आगवानी के लिए यहां भव्य तैयारियां की गई हैं। लोग उनकी आगवानी के लिए पलक पावड़े बिछाये इंतजार कर रहे हैं।

भ्रमण स्थलों एवं यात्रा मार्गों पर विशेष साफ-सफाई कर दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वजों से सजाया गया है। हजारों स्कूली बच्चे जगह-जगह खड़े होकर उनका स्वागत के लिए तैयार हैं।

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गंगा घाटों के अलावा उनके सड़क यात्रा मार्गों पर हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे भारत और जर्मनी के झंडे हाथों में लेकर उनका स्वागत करेंगे। गंगा घाटों पर वाराणसी की प्रचीन सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम आयोजत किये गए हैं। विशेष साफ-सफाई के बाद उन्हें फूलों से सजाया गया है। संभावित भ्रमण स्थलों एवं यात्रा मागों पर भारत और जर्मनी के राष्ट्रीय ध्वज लगाये लगाये गए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्ष आर के भारद्वाज ने बताया कि जर्मनी के राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर अभेद्य सुरक्षा इंतजाम किये गए हैं। कार्यक्रमों स्थलों एवं यात्रा मार्गों पर जल, थल और आकाश से अत्याधूनिक हथियारों एवं यंत्रों की मदद से सुरक्षा निगरानी की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि श्री श्टाइनमायर के यात्रा कार्यक्रामों के मद्देनजर सुरक्षा के लिए 12 पुलिस अधीक्षक, 18 अतरिक्त पुलिस अधीक्षक, 30 क्षेत्राधिकारी, 210 दारोगा, 1000 सिपाही तथा पीएसी और केंद्रीय अर्द्धैसैनिक बलों के जवानों को जगह-जगह तैनात किया है। शहर में यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किये गए हैं।

मंदिरों के इस प्रचीन शहर में आज दस दिनों में दूसरे राष्ट्राध्यक्ष के दौरे से यहां के लोग बेहद उत्साहित हैं। गत 12 मार्च को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों श्री मोदी के साथ यहां एक दिवसीय दौरे पर आये थे। दोनों शीर्ष नेताओं ने बड़ा लालपुर स्थित दीन दयाल हस्तकला संकुल में आयोजित यहां की हस्तकला प्रदर्शनी देखने के बाद गंगा में नौका विहार आनंद लिया था।

इससे पहले 12 दिसंबर 2015 को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे श्री मोदी के साथ यहां आये थे और अन्य कार्यक्रमों के साथ-साथ ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट पर गंगा मां की पूजा-अर्चना के बाद विश्व प्रसिद्घ गंगा आरती में भाग लिया था।

श्री श्टाइनमायर अपने लगभग आठ घंटे का दौरा पूरा करने के बाद रात लगभग आठ बजे बाबतपुर हवाई अड्डे से विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।