भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी का PM मोदी पर हमला

जयपुर। भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी निशाने पर ले लिया। अब तक मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर हमला बोलने वाले तिवाडी गुरुवार को मोदी पर भी जमकर बरसे।

एक प्रेस वार्ता के दौरान तिवाडी ने कहा कि लोकतंत्र में पार्टी और सरकार दो अलग-अलग इकाइयां होती हैं। इनको मिलाना लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहरा आघात है। तिवाड़ी ने कहा कि जयपुर में होने वाली एक सभा का आयोजन तो राज्य सरकार की ओर से किया जा रहा है मगर उस सभा का भूमि पूजन भाजपा के नेताओं द्वारा किया जा रहा है।

इस प्रकार से प्रदेश में भाजपा सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं पर आघात कर रही है। उन्होंने कहा कि ये सब आगे आने वाली चुनाव की पराजय को देखकर चोर दरवाजे से निकाला गया रास्ता है, जिसमें बहुत सारी वित्तीय अनियमितताएं हैं।

वित्तीय नियमों को धता बताकर खर्च कर रहे हैं करोड़ों

तिवाड़ी ने कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री सभी परंपराओं और वित्तीय नियमों को धता बताकर अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एवं भाषण के ​शौक को पूरा करने लिए लगभग 50 करोड़ से ​अधिक का खर्चा कर रहे हैं। जिसका कभी भी अंकेक्षण नहीं हो पाएगा,​ जिस प्रकार से रिसर्जेंट राजस्थान योजना के दौरान हुआ।

उन्होंने कहा कि उस पर भी इन वित्तीय ​अनियमितताओं के लिए किसी भी अधिकारी को दोषी ठहरा दिया जाएगा। ये भ्रष्ट सरकार द्वारा भ्रष्ट सरकारी बेल में पानी डालकर पुन: सत्ता का फल प्राप्त करने की इच्छा है जिसका चुनावों में राज्य की जनता माकूल जवाब देगी।

राजे और गड़करी झांसा दे रहे हैं जनता को

भारत वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष तिवाड़ी ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री राजे ईस्टर्न कैनाल के लिए जल संसाधन मंत्री नितिन गड़करी से मिली और गड़करी ने कहा है कि इस प्रोजक्ट को मंत्री मंडल में लेकर जाएंगे। तिवाड़ी ने कहा कि कब तो इस प्रोजेक्ट को मंत्री मंडल में रखा जाएगा, कब उसे मंत्री मंडल में पास किया जाएगा और कब उस पर कार्य प्रारंभ होगा। इस बीच विधानसभा और लोकसभा के चुनाव भी प्रारंभ हो जाएंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, राज्य की मुख्यमंत्री के कार्यों का केंद्र में संरक्षण ही करते रहे हैं। दोनों मिलकर प्रदेश की जनता को झांसा देने का काम कर रहे हैं।

ये तो लाभार्थियों का अपमान

घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक प्रत्येक जन कल्याणकारी सरकार में लाभार्थी होते ही हैं। जैसे जागीरदारी उन्मूलन, बारानी जमीन का लगान माफ, अंत्योदय, काम के बदले अनाज योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, विकलांग पेंशन, सस्ता अनाज राशन की व्यवस्था ये लोक कल्याणकारी राज्य का अन्तर्निहित सिद्धांत है।

मनरेगा, उज्ज्वला योजना, बेरोजगारों को ऋण भी ऐसी ही योजना हैं जो हमेशा से चलती आ रही हैं। कभी भी किसी और सरकार ने इस सरकार की तरह योजना से लाभान्वित को बुलाकर चिन्हित कर अपमानित करने का कार्य नहीं किया। न ही इन योजनाओं का राजनीतिक लाभ ही उठाने का प्रयास किया।