ग्लूकोमा है आँखो की कम रोशनी का कारण, जानिए कैसे

Health desk: संसार में 6 फीसदी से ज्यादा glaucoma से पीड़ित हैं। और यह आखों की रोशनी खत्म होने की दूसरी सबसे बड़ा  कारण भी है। डॉक्टर का कहना है की यह किसी भी उम्र में हो समय से पहले इसकी जानकारी मिलने पर इलाज हो सकता है। दुनियाभर में ऐसी बीमारियों में कमी लाने के लिए हर साल 10-16 मार्च तक वर्ल्ड glaucoma वीक मनाया जाता है। एक्सपर्ट्स से जानिए क्या है glaucoma और इससे कैसे बच सकते है।

जानिए क्या है glaucoma 

glaucoma होने पर आंखों की ऑप्टिक नर्व में दबाव बढ़ने लगता है। ऐसा किसी भी उम्र में हो सकता है। इसके मामले अधिक तरहा उन लोगों में देखने को मिलते हैं जिनकी फैमिली हिस्ट्री होती है या फिर कई दुर्घटना के कारण सिर या आंखों पर चोट लग जाती है। लगातार आईड्रॉप, ओरल मेडिसिन और क्रीम में स्टीरॉयड का इस्तेमाल भी glaucoma का कारण बन जाता है। आंखों की सर्जरी के कुछ गंभीर मामले भी इसकी कारण बन जातेहैं।

किस समये करानी चाहिये आखों की जाँच

इसे पूरी तरह खतम नहीं किया जा सकता है लेकिन काफी हद आंखों की रोशनी सही की जा सकती है। glaucoma के अक्सर मरीजों को इसकी जानकारी ही नहीं होती है, यह तब पता चलता है जब आखों की रोशनी काफी हद तक कम हो चुकी होती है।

एक्सपर्ट कहना है कि glaucoma के मात्र 50 प्रतिशत मामले में ही सामने आ पाते हैं। इसका बेहतर उपाय है समय-समय पर आंखों की स्क्रीनिंग। समय पर आखों के डॉक्टर से जांच कराएं जिस से आंखों और ऑप्टिक नर्व पर पड़ रहे दबाव को जांचा की जा सके।

glaucoma टेस्ट, दवाओं और सर्जरी के माध्यम से इस रोग का उपचार किया जा सकें है। glaucoma के ज्यादातर मामलों को आईड्रॉप से ही ठीक किया जा सकें।

इस से बचने के उपाये 

* स्मोकिंग का सेवन ना करें और कैफीनयुक्त पेय की मात्रा घटाएं।
* खाने में हरी सब्जियां खाये और पानी ज्यादा से ज्यादा पानी पींए।
* glaucoma के मरीज शीर्षासन ना करे ।

अच्छे डॉक्टरों की लिस्ट

Dr. गणेश दिलीप कुमार पिल्लई, ऑप्थेमोलॉजिस्ट, एम्स, दिल्ली
Dr. नेहा चतुर्वेदी, ऑप्थेमोलॉजिस्ट, एम्स, दिल्ली
Dr. प्रशांत सिंह, ऑप्थेमोलॉजिस्ट, एएसजी आई हॉस्पिटल, भोपाल
Dr. अर्पिता बसिया, ऑप्थेमोलॉजिस्ट, एएसजी आई हॉस्पिटल, भोपाल