सोना 32,050 रुपए प्रति 10 ग्राम, चांदी 41,600 रुपए प्रति किलो

Gold prices at Rs 32050 per 10 grams, silver price at Rs 41600 per kg

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं की चमक बढ़ने और सर्राफा कारोबारियों की मांग आने से बीते सप्ताह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 450 रुपए के तेज उछाल के साथ 32,050 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सिक्का निर्माताओं के उठाव में तेजी आने और औद्योगिक मांग निकलने से चांदी भी 1,100 रुपये की छलांग लगाकर 41,600 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विश्लेषकों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर के टूटने से पीली धातु को बल मिला है।

लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, गत सप्ताह लंदन का सोना हाजिर 4.80 डॉलर की साप्ताहिक तेजी के साथ सप्ताहांत पर 1,298.60 डॉलर प्रति औंस बोला गया। अगस्त का अमरीकी सोना वायदा भी 5.60 डॉलर की साप्ताहिक तेजी के साथ 1,303.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी हाजिर में 0.37 डॉलर की बढ़त रही और यह 16.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

स्थानीय बाजार में गत सप्ताह छह दिन कारोबार हुआ जिसमें से पांच दिन सोने के भाव बढ़े। वैश्विक तेजी और सर्राफा कारोबारियों की मांग बढ़ने से सप्ताह के दौरान सोना स्टैंडर्ड 450 रुपये महंगा होकर शनिवार को 32,000 के अांकड़े के पार 32,050 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सोना बिटुर भी इतनी ही बढ़त के साथ 31,900 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। आठ ग्राम वाली गिन्नी हालांकि 24,800 रुपए पर टिकी रही।

औद्योगिक मांग निकलने से चांदी हाजिर 1,100 रुपए की भारी बढ़त के साथ 41,600 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। भविष्य में चांदी की कीमतों में तेजी के अनुमान से चांदी वायदा में 870 रुपए की साप्ताहिक बढ़त रही और यह 40,410 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। आलोच्य सप्ताह में सिक्का लिवाली और बिकवाली सप्ताह के दौरान क्रमश: 76 हजार और 77 हजार रुपये प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।

विश्लेषकों के मुताबिक आगामी सप्ताह दोनों कीमती धातुओं पर अमरीकी फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे का असर दिखेगा। कारोबारियों का अनुमान है कि फेड इस बैठक में ब्याज दर में साल की दूसरी बढोतरी करने का निर्णय ले सकता है।

ऐसा होने पर पीली धातु की मांग कमजोर पड़ेगी। हालांकि, उत्तर कोरिया और अमेरिका के शिखर सम्मेलन और जी7 की बैठक के कारण अंतरराष्ट्रीय पटल पर हलचल की स्थिति है और ऐसी स्थिति में पीली धातु निवेशकों को आकर्षित करती है।