अजमेर : साले के स्थान पर REET परीक्षा देता सरकारी शिक्षक अरेस्ट

अजमेर। राजस्थान के अजमेर में रीट परीक्षा 2021 के दौरान एक सरकारी शिक्षक द्वारा अपने साले के स्थान पर परीक्षा देते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा ने बताया कि एटीएस एवं एसओजी की सूचना पर जिला स्पेशल टीम ने अध्यापक पात्रता परीक्षा 2021 के दौरान अजमेर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित जवाहर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कमरा नंबर 25 से एक सरकारी शिक्षक स्वरुपाराम (41) सांचोर जिला जालोर को गिरफ्तार किया है।

वह अपने साले दिनेश कुमार (29) के स्थान पर रीट परीक्षा देते हुए पाया गया। पुलिस ने आज आरोपी स्वरुपाराम के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है। पुलिस की संज्ञान में आया है कि आरोपी सरकारी शिक्षक है।

इसी तरह रीट परीक्षा के दौरान ही पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रीट परीक्षा देने वाले पति पत्नी को भी गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ आज कोतवाली थाना पुलिस में प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के सेंट्रल गर्ल्स स्कूल केंद्र से दोनों को बीते कल पकड़ा गया था। आरोपी भजनलाल विश्नोई (26) तथा देवी विश्नोई (29) बाड़मेर के रहने वाले हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अनुसंधान में जुटी हुई है।

फर्जी अभ्यर्थी को कोर्ट ने 5 दिन के रिमांड पर सौंपा

अलवर। राजस्थान के अलवर में अध्यापक पात्रता परीक्षा रीट के दौरान गिरफ्तार फर्जी अभ्यर्थी मुन्नाभाई को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है।

थानाधिकारी अजय सिंह शेखावत ने बताया कि रीट परीक्षा के बाद पकड़ा गया फर्जी अभ्यर्थी विजेन्द्र कुमार पुत्र बालूराम के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज महाविद्यालय के प्राचार्य के द्वारा दर्ज़ कराया गया है।

आरोपी को आज थानागाजी न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फर्जी अभ्यर्थी को पांच दिन का पुलिस रिमांड पर पुलिस को दिया है।

गौरतलब है कि कस्बे के श्रीकृष्ण पीजी कॉलेज में रविवार को आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान दूसरे अभ्यार्थी की जगह परीक्षा देने के बाद धरा गया फर्जी मुन्नाभाई। परीक्षा सम्पन्न हो जाने के बाद जब उसको रोक कर प्रवेश कार्ड की जांच की गई।

जांच के दौरान प्रवेश कार्ड में हरिकृष्ण विश्नोई निवासी जाणियो का डगरा थाना धोरीमन्ना जिला बाड़मेर अंकित था। लेकिन जब गहनता से जांच करने पर फर्जी अभ्यर्थी विजेन्द्र कुमार उम्र 19 साल पुत्र बालूराम विश्नोई निवासी विश्नोई की ढाणी चिमडा तहसील चितलवाना जिला जालोर पाया गया।

जब एडमिशन कार्ड तथा आधार कार्ड की फोटो कॉपी का मिलान करने पर वह शकपकाने लग गया तथा उसके बाद सारा राज उगल दिया। विजेन्द्र कुमार कुमार फर्जी हरिकृष्ण विश्नोई बन कर रीट परीक्षा का पेपर दिया था।

फर्जी अभ्यर्थी विजेन्द्र कुमार द्वारा कुटरचित दस्तावेज तैयार कर यह कार्य किया गया है। अबतक की पुछताछ में सामने आया है कि कुछ रुपए हरिकृष्ण तथा आगे पढ़ाई का खर्चा देने की बात बताई है। पुलिस ने पर्जी अभ्यार्थी से गहनता से पूछताछ कर अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हुई है। इसके पीछे किन लोगों का हाथ है।