राज्यपाल ने मुकुन्दरा को अधिक तरजिह देने को बताया गलत

राज्यपाल ने मुकुन्दरा को अधिक तरजिह देने को गलत बताया
राज्यपाल ने मुकुन्दरा को अधिक तरजिह देने को गलत बताया

अलवर । पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर ने राजस्थान सरकार को मुकुन्दरा बाघ अभयारण्य को सरिस्का से अधिक तरजिह देने को गलत ठहराया हैं।

सिंह ने सरिस्का बाघ अभयारण्य में बाघो की शिफ्टिंग की 10वीं वर्षगांठ पर बीती रात सरिस्का में बाघो के दस साल के संस्मरण ओर वर्तमान में बाघो के बचाने की चुनोतियाँ पर आयोजित चर्चा में यह बात कहीं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सरिस्का पर अधिक ध्यान देना चाहिये तथा यहां अधिकाधिक होटल बनने से ही पर्यटक ज्यादा संख्या में आयेंगें जिससे आस पास के ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा तथा वे बाघों को अपना दुश्मन नहीं मानेेगें। उन्होंने सरिस्का को बचाने के लिए होटल लाबी को मजबूत करने का पक्ष लेते हुए कहा कि सरिस्का आज फिर उस स्थिति पर आकर खड़ा हो गया है जहां 2005 से पहले था। सरिस्का में ज्यादा से ज्यादा होटल नही बनेंगे तब तक होटल लाबी नहीं बनेगी।

सिंह ने कहा कि सरिस्का देश मे वनों के हिसाब से सबसे अच्छी जगह है और बड़ा क्षेत्रफल है लेकिन सरिस्का में बाघ विस्थापन के बाद सरिस्का में मात्र 14 बाघ ही है जबकि पन्ना में भी सरिस्का के साथ बाघ विस्थापित किये गए और वहां 40 से अधिक बाघ हो गये है। उन्होंने सरिस्का में 3 बाघो की हत्या पर भी चिंता व्यक्त की।

राज्यपाल सिंह ने कहा कि रणथम्भोर में 300 से 400 करोड़ रुपये पर्यटन व्यवसाय से आता है जिसकी वजह से वहां होटल लाबी मजबूत है और रणथम्भोर अधिक विकसित हो गया है। सरिस्का में पर्यटकों के लिए होटल नही है इसलिए पर्यटक सरिस्का नही आते है। सरिस्का में होटल बनाने की अनुमति दी जाये तो यहां बाघ अपने आप बढ़ जाएंगे। सरिस्का का रणथम्भोर से कोई प्रतिस्पर्धा नही है।