ख़ुद से शादी रचा देश का पहला ‘स्व-विवाह’ करेंगी बिंदु, हनीमून पर गोवा भी जाएगी

अहमदाबाद/वडोदरा। देश में ‘स्व-विवाह’ के सम्भवतः पहले मामले के तहत गुजरात के वडोदरा शहर में 24 साल की एक युवती आगामी 11 जून को ख़ुद के साथ शादी रचाएगी।

मूल रूप से बिहार और अब गुजरात के वडोदरा में रहने वाली क्षमा बिंदु कहती हैं कि वह ख़ुद को प्यार करती हैं। पहले उन्हें अपने आप से शादी करने के बारे में तो पता नहीं था पर वह बचपन से ही ताज़िंदगी अकेले यानी ख़ुद के साथ ही रहने के बारे में सोचा करती थीं।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जब उन्होंने नन्हें परित्यक्त बच्चों, लैंगिक असमानता और ऐसे ही अन्य सामाजिक मुद्दों पर आधारित चर्चित और पुरस्कृत कनाडाई वेब सिरीज़ ‘एनी विध ऐन ई’ देखा तो उन्हें आत्म या स्व-विवाह का ख़याल आया। ख़ास तौर पर जब उन्होंने इस वेब सिरीज़ का यह डायलॉग कि ‘हर स्त्री दुल्हन तो बनना चाहती है पर पत्नी नहीं’ को सुना तो उन्हें ऐसा लगा कि वह भी ऐसा ही चाहती हैं। वह भी किसी दूल्हे के बग़ैर दुल्हन बन सकती हैं।

स्थानीय सयाजी राव विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में स्नातक करने वाली बिंदु यहां गोत्री इलाक़े में रहती हैं और अब एक निजी कम्पनी में सीनियर रिक्रूटर के पद पर काम करती हैं। उनके पिता दक्षिण अफ़्रीका तथा मां और बहन अहमदाबाद में रहते हैं। वह पिछले चार साल से वडोदरा में रह रही हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी शादी स्थानीय महादेव मंदिर में भारतीय परम्परा और रीति रिवाज से ही होगी। फेरे समेत सारी रस्में होंगी पर बस इसमें दूल्हा नहीं होगा। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई शादी भारत में अब तक नहीं हुई और ऐसी शादी के क़ानूनी पहलूओं की भी उन्हें जानकारी नहीं। अब तक दुनिया में ऐसी आठ शादियां ही हुई हैं।

बिंदु ने कहा कि इस शादी के लिए उन्होंने 20 से अधिक पुरोहितों से सम्पर्क किया पर इनमे से केवल एक ही इसके लिए तैयार हुए हैं। कन्यादान भी उनके यहां काम करने वाली एक महिला करेंगी। फ़िलहाल तो वह अपनी इस अनूठी शादी को धूमधाम से करने की तैयारियों में जुटी हैं। उन्होंने अपने क़रीबी दोस्तों और परिजनों को इसके लिए आमंत्रण भेजा है।

उन्होंने दावा किया कि उनके माता-पिता को उनके इस क़दम से कोई एतराज़ नहीं है और उन्होंने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया है। मज़े कि बात यह है कि बिंदु इस शादी के बाद ख़ुद को सिंदूर लगा अकेले ही हनीमून पर भी जाएंगी। वह इसके लिए दो हफ़्ते गोवा में गुज़ारेंगी। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्वीकार किया कि इस शादी को लेकर उनके कई दोस्तों ने उन्हें रोका भी था।

इस बीच, बिंदु की इस अनूठी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ी है और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इसका कोई अर्थ नहीं है और यह मात्र सस्ती लोकप्रियता के लिए एक शिगूफ़ा भर है। एक ने तो लिखा है कि यह तो कुछ ऐसी ही बात है कि किसी को ख़ून देने की ज़रूरत हो तो एक हाथ से निकाल कर दूसरे में डाल दिया जाये या शरीर के दोनो गुर्दों को ही आपस में बदल दिया जाए।

हालांकि इस मामले में बिंदु के कई समर्थक भी सामने आए हैं पूजा गुप्ता नाम की एक युवती ने अपनी ट्वीट प्रतिक्रिया में लिखा है कि बढ़ते तलाक दर, वैवाहिक विवाद के क़ानूनी मामलों, तनाव और आत्महत्या के मामलों को देखते हुए अकेले रहना तो सचमुच ख़ुश रहने का सबसे बेहतर विकल्प लगता है।

स्व-विवाह हिंदू और भारतीय संस्कृति विरुद्ध : महिला भाजपा नेता

देश में ‘स्व-विवाह’ का पहला मामला क़रार दिए जा रहे एक प्रस्तावित कथित विवाह का भाजपा की स्थानीय उपाध्यक्ष और शहर की पूर्व डेप्युटी मेयर सुनीता शुक्ला ने कड़ा विरोध किया है।

शुक्ला ने गुजरात के वडोदरा में 24 साल की एक कामकाजी लड़की क्षमा बिंदु के स्वयं से 11 जून को स्थानीय हरिहरेश्वर मंदिर में विवाह की घोषणा पर कड़ा एतराज़ जताते हुए आज कहा कि वह उक्त मंदिर में तो क्या किसी भी मंदिर में यह शादी नहीं होने देंगी। उन्होंने इस मामले को पूरी तरह हिंदू-संस्कृति विरोधी और विकृत मानसिकता का परिचायक बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसी शादी पूरी तरह से भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म की मान्यताओं के विरुद्ध हैं। गुजरात की संस्कार नगरी कही जाने वाली वडोदरा में इसकी इजाज़त नहीं दी जा सकती है। अगर उन्हें ऐसी विकृत शादी करनी हो तो वह किसी मैरिज हाल में या विदेश में करे, इसे मंदिर में करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।