राजस्थान में गुर्जरों ने खारिज किया बैंसला के साथ हुआ समझौता

गुर्जरो ने खारिज किया सरकार एवं बैंसला के साथ हुये आरक्षण समझौते को
गुर्जरो ने खारिज किया सरकार एवं बैंसला के साथ हुये आरक्षण समझौते को

जयपुर। अखिल भारतीय गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामवीर सिंह विधुडी ने राज्य सरकार एवं कर्नल बैंसला के साथ हुए आरक्षण समझौते को खारिज करते हुए आगामी एक अगस्त से आरक्षण आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।

विधुड़ी ने गुरुवार को कर्नल बैंसला पर राजनीतिक फायदे के लिए सरकार से समझौता कर गुर्जर समाज को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि गत 19 मई को हुआ समझौता केन्द्र सरकार द्वारा गठित रोहणी समिति की सिफारिशों के भरोसे पर किया गया है जिससे गुर्जर समाज को कुछ भी हासिल होने की संभावना नहीं है।

उन्होंने पूरजोर शब्दों में कहा कि गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण संविधान की नौवीं अनुसूचि में शामिल करने पर ही मिल सकता है। इसके अलावा आरक्षण की पचास प्रतिशत की सीमा में मिल सकता है जिनका प्रावधान कर्नल बैंसला के साथ हुये समझौते में दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह समझौता गुर्जरों के साथ छलावा मात्र प्रतीत होता है।

विधुड़ी ने गुर्जर समाज की ओर से एक अगस्त से शुरू किए जाने वाले शांतिपूर्ण आंदोलन के संबंध में कहा कि इसके तहत भाजपा के पिछले घोषणा पत्र में गुर्जरों को आरक्षण देने के वादे को लागू करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी दिया जाएगा।

उन्होंने राज्य सरकार से वर्ष 2008 में देवनारायण विकास बोर्ड के लिए प्रतिवर्ष पांच सौ करोड़ रूपए देने के समझौते को लागू करने की मांग करते हुए कि वर्तमान में यह राशि पांच हजार करोड़ रूपए बनती है लेकिन सरकार ने बहुत कम राशि खर्च की है। यदि पूरी राशि दे दी जाए तो गुर्जर व चार अन्य जातियों का समुचित विकास हो जाएगा।