ग्वालियर। मध्यप्रदेश में ग्वालियर जिले के भितरवार थाना क्षेत्र में घर में घुसकर मां पर राइफल तानकर 21 वर्षीय युवती को जबरन बाड़े में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस के अनुसार घटना के करीब तीन माह बाद पीड़िता ने अपने पिता को आपबीती बताई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 9 मई की रात करीब साढ़े 11 बजे वह अपनी मां और बड़े भाई के साथ घर पर थी। उसका पिता बड़ी बहन के घर गया हुआ था, जबकि भाई छत पर सो रहा था। इसी दौरान खड़ौआ निवासी लोकेन्द्र रावत, योगेश रावत, जितेन्द्र रावत और बसई निवासी जगमोहन रावत घर में घुस आए।
आरोप है कि लोकेन्द्र ने युवती की मां पर राइफल तानकर धमकी दी कि यदि उसने आवाज लगाई तो छत पर सो रहे उसके बेटे को गोली मार देगा। इसके बाद योगेश, जितेन्द्र और जगमोहन युवती को धमकाते हुए पास स्थित योगेश के बाड़े में ले गए। शिकायत के अनुसार वहां जगमोहन ने युवती के साथ दुष्कर्म किया, जबकि योगेश और जितेन्द्र उसके हाथ पकड़े खड़े रहे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसके भाई को गोली मारने की धमकी दी थी। डर और बदनामी के भय से युवती ने परिवार को घटना की जानकारी नहीं दी। मानसिक तनाव में उसने अगले दिन धान में रखने वाली जहरीली दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे भितरवार अस्पताल ले गए, जहां से डबरा और फिर जेएएच ग्वालियर रेफर किया गया।
उपचार के बाद घर लौटने पर पिता ने बेटी की हालत देखकर उससे कारण पूछा। इस दौरान युवती ने रोते हुए पूरी घटना की जानकारी दी और बताया कि आरोपियों की धमकी और घटना के डर के कारण उसने जहरीली दवा खाई थी। इसके बाद पिता उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे।
पुलिस ने रविवार रात शिकायत के आधार पर लोकेन्द्र रावत, योगेश रावत, जितेन्द्र रावत और जगमोहन रावत के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। सोमवार को पुलिस ने लोकेन्द्र, योगेश और जितेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया, जबकि जगमोहन रावत फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।



