हार्दिक पटेल का वजन 20 नहीं मात्र 11 किलो गिरा, पढें क्यों हुई गफलत

Hardik patel has not lost 20 kg weight during fast, has lost only 11.6 kg in 12 days
Hardik patel has not lost 20 kg weight during fast, has lost only 11.6 kg in 12 days

अहमदाबाद। पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल के आमरण अनशन के दौरान उनके वजन में 20 किलोग्राम की नहीं बल्कि 11 किलो 600 ग्राम की ही गिरावट हुई है।

सरकारी सोला सिविल अस्पताल के अधीक्षक डा़ आजेश देसाई ने बुधवार को बताया कि हार्दिक का वजन अनशन के पहले दिन 25 अगस्त को 78 किलो था। वजन लेने में तकनीकी गड़बड़ी के कारण कल 11 वें दिन उनका वजन 58 किलो 300 ग्राम दर्ज हो गया था जबकि यह आज 12वें दिन 66 किलो 400 ग्राम था।

वजन की मशीन में कोई गड़बड़ी नहीं है। वजन के दौरान खड़े होने के तरीके में गड़बड़ी के चलते ऐसा हुआ। अगर वजन के दौरान कोई व्यक्ति किसी बाहरी वस्तु को पकड़ ले तो उसका वजन कम आता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है।

वजन करने वाली डॉ मनीषा पांचाल ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने वजन लेने में हुई गड़बड़ी के बारे में अपनी रिपोर्ट दे दी है। उन्होंने बताया कि हार्दिक ने आज लगातार तीसरे दिन भी सरकारी डाक्टरों को जांच के लिए रक्त और मूत्र के नमूने देने से इंकार कर दिया हालांकि उनका रक्तचाप, नब्ज आदि सामान्य थे। उन्हें पहले से ही अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है।

इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजीव सातव, प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा तथा नेता प्रतिपक्ष परेश धानाणी ने आज हार्दिक से उनके ग्रीनवुड रिसार्ट स्थित आवास पर मुलाकात की जहां वह बाहर अनशन की सरकारी अनुमति नहीं मिलने के बाद किसानों की कर्ज माफी, पाटीदार आरक्षण और राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार अपने साथी अल्पेश कथिरिया की रिहाई को लेकर 25 अगस्त से अनशन कर रहे हैं। सातव ने कहा कि राज्य सरकार को हार्दिक से तुरंत बात करनी चाहिए। कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर राज्यव्यापी प्रदर्शन करेगी।

उधर, पास की टीम और सरकार के साथ हार्दिक के मुद्दे पर बात कर रही राज्य में पाटीदार अथवा पटेल समुदाय की छह अग्रणी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के समन्वयक सी के पटेल के बीच कुछ मतभेद उभर आये हैं। स्वयं को हार्दिक का एकमात्र प्रतिनिधि बताते हुए आज संवाददाता सम्मेलन करने वाले उनके साथी मनोज पनारा ने कहा कि पटेल क्यों सरकार से बातचीत के पहले अथवा बाद में हार्दिक से नहीं मिलते।

उन्होंने उन्हें भाजपा का एजेंट तक करार दिया। उधर इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पटेल ने कहा कि संस्थाओं की ओर से अब सरकार के साथ तब तक बातचीत नहीं की जाएगी जब तक पास इस बारे में लिखित आग्रह नहीं करेगा।

पनारा ने यह भी कहा कि पास की ओर से कल राज्य के सभी 182 विधायकों, 26 लोकसभा सांसदों और सभी राज्यसभा सांसदों को फोन कर हार्दिक के मुद्दों पर उनकी राय ली जाएगी। इसके एक दिन बाद इस बारे में फार्म लेकर इन लोगों से इस पर हस्ताक्षर लिए जाएंगे। पास की ओर से हार्दिक के समर्थन में उत्तर गुजरात के पाटन से महेसाणा के ऊंझा तक एक धार्मिक यात्रा भी निकाली जाएगी।