हार्दिक पटेल से मिलने पहुंची मेधा पाटकर का विरोध, परिसर से निकाला

Hardik Patel's supporters protest against Medha Patkar in ahmedabad
Hardik Patel’s supporters protest against Medha Patkar in ahmedabad

अहमदाबाद। नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता तथा महिला सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को आज यहां पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति नेता हार्दिक पटेल के समर्थकों ने नारेबाजी कर हार्दिक के उपवास स्थल से बाहर भगा दिया।

पाटकर (63) पिछले आठ दिन से ग्रीन लैंड रिसोर्ट क्षेत्र में अपने आवास पर किसानों की कर्ज माफी और पाटीदार आरक्षण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल के आवास पर जब पहुंची तो वहां मौजूद कई युवक गुजरात विरोधी मेधा पाटकर हाय-हाय, किसान विरोधी मेधा पाटकर हाय-हाय का नारा लगाने लगे। उग्र विरोध देखते हुए उन्हें हार्दिक से मिले बिना बाहर आना पड़ा।

उन्होंने बाद में पत्रकारों से कहा कि वह पिछले कई दिनों से बाढ़ प्रभावित केरल में थीं। कल ही लौटने पर उन्हें हार्दिक के आंदोलन के बारे में पता चला। उन्हें बताया गया कि उन्होंने पानी लेना भी बंद कर दिया है। उन्हें उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता हुई। कल उनकी हार्दिक से फोन पर बात भी हुई।

उन्होंने उनसे कहा था कि संभव हुआ तो वह यहां आएंगी। अनशन स्थल से ही उन्हें बुलाया भी गया था ताकि हार्दिक को पानी पीने के लिए राजी किया जा सके। वह अपने साथ दो वयोवृद्ध गांधीवादी अनशनकारियों को भी लेकर आई थीं ताकि वह उन्हें कुछ सुझाव दे सकें।

पाटकर ने कहा कि हार्दिक अब किसान, खेतिहर मजदूर और विस्थापितों के लिए भी एक प्रतीक बन गए हैं। अगर वह पानी नहीं पीते तो उनकी किडनी और स्वास्थ्य पर असर होता और यह जन आंदोलन लंबा नहीं चल पाता। मै उन्हें समझाने आई थी। पता नहीं हार्दिकभाई को मेरे आने की खबर भी मिली अथवा नहीं। मेरे खिलाफ नारेबाजी करने वालों को मैने माफ कर दिया है। उन्हें पता नहीं है कि वास्तव में किसान विरोधी कौन है।

ज्ञातव्य है कि हार्दिक पटेल ने दो दिन बाद आज गढड़ा स्वामीनारायण मंदिर के स्वामी एसपी स्वामी के आग्रह पर पानी पीना शुरू कर दिया।

हार्दिक पटेल का अनशन आठवें दिन भी जारी, दो दिन बाद ग्रहण किया पानी