अल्पावास गृह में यौन शोषण मामले को लेकर विधानसभा में भारी हंगामा

Heavy ruckus in assembly on sexual exploitation case
Heavy ruckus in assembly on sexual exploitation case

पटना । बिहार विधानसभा में आज मुजफ्फरपुर अल्पावास गृह में यौन शोषण मामले को लेकर विपक्ष ने भारी शोरगुल और हंगामा किया जिसके कारण भोजनावकाश से पूर्व सभा की कार्यवाही नहीं चल सकी।

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी के सदस्य हाथों में पोस्टर लेकर सदन के बीच में आ गये और नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर अल्पावास गृह में यौन शोषण का मामला बेहद गंभीर है। प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करने से बच रहा है और अब तक जो भी कार्रवाई हुई है वह न्यायालय के आदेश से ही हुई है। उन्होंने सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस कांड में अब तक 29 बच्चियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हो चुकी है।

यादव ने कहा कि ‘सुशासन’ में अपराधियों को अपराध करने की पूरी आजादी मिली हुई है। कानून व्यवस्था पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने जहानाबाद, नालंदा और गया में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ तथा बलात्कार की घटनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दावा करते हैं कि लड़कियां अब अकेले भी रात के बारह बजे कहीं आ-जा सकती हैं लेकिन उनके इस दावे के विपरीत राज्य में स्थिति यह है कि लड़कियां अपने अभिभावकों के साथ भी सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए इस मामले पर सदन में तुरंत चर्चा कराने के लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर किया जाना चाहिए।