Pristyn Care में हर्निया का इलाज पाएं मात्र 30 मिनट में

हर्निया का इलाज कराना बहुत जरूरी होता है। हर्निया के केस में ज्यादातर ये देखा गया है कि जब
बहुत ज्यादा दर्द होता है तब इलाज अपनाया जाता है। हर्निया अगर ज्यादा बढ़ जाएं तो लंबे समय
तक इलाज कराना पड़ता है लेकिन Pristyn Care पर हर्निया का इलाज सिर्फ 30 मिनट से 40
मिनट के अंदर पूरा हो जाता है, चाहे हर्निया कितना बड़ा क्यों न हो! इस बारे में डिटेल में जानने से
पहले हर्निया क्या है? ये जानना जरुरी है।

हर्निया क्या है?

हर्निया में पेट की मसल्स कमजोर हो जाती है, जिससे आंत (Intestine) का एक हिस्सा बाहर की
तरफ निकल आता है। हर्निया में शुरुआत में सूजन और थोड़ा-बहुत दर्द महसूस होता है। हर्निया में
पेट की स्किन में अनचाहा उभार आ जाता है। यह शुरू में तो कोई आकार नहीं दिखाता लेकिन धीरे-
धीरे बढ़ कर असहज दिखने लगता है। इससे दर्द भी बढ़ जाता है। हर्निया सीने से नीचे की तरफ
Groin (पेट और जांघ के बीच का हिस्सा) में होता है। हर्निया को हम थैली कह सकते हैं, जिसमें fatty
tissue होता है। हर्निया होने पर असहनीय दर्द होता है।
हर्निया कई तरह का होता है।

● वंक्षण हर्निया (Inguinal hernia)
● हाइटल हर्निया (Hiatal hernia)
● अंबिलिकल हर्निया (Umbilical hernia)
● वेंट्रल हर्निया (Ventral hernia) इस लिस्ट में शामिल है।

ज्यादातर मरीजों को इनगुइनल हर्निया ही होता है। जब आंत पेट के निचले हिस्से में उभर जाती है
तब इनगुइनल हर्निया होती है। हर्निया के प्रकार उसके होने वाली जगह के हिसाब से तय किये गए
हैं।

हर्निया के लक्षण और कारण क्या हैं? (Symtoms and causes of Hernia)

हर्निया होने पर सीने से groin के बीच वाले हिस्से में गांठ (lump) जैसा महसूस होता है। लेटने पर ये
गांठ दिखना बंद हो जाती हैं। खड़े होने, झुकने और खांसने पर हर्निया की गांठ महसूस होती है। जिस
जगह गांठ होती है, वहां दर्द भी खूब होता है। कुछ लोगों को हर्निया होने पर सीने में जलन और दर्द,
निगलने में तकलीफ जैसी परेशानियां होती हैं। कुछ केसेस में हर्निया का कोई लक्षण नहीं दिखाई
देता है।

हर्निया मसल्स की कमजोरी और खिंचाव के कारण होता है। हर्निया जल्दी या धीरे बढ़ेगा, यह इसके
कारणों पर भी निर्भर करता है। हर्निया होने के निम्न कारण हो सकते हैं;

● सर्जरी के कारण चोट लगना।
● बहुत ज्यादा खांसी आना।
● क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज से।
● बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से।
● हद से ज्यादा वजन होना।
● जन्म के साथ ही कोई विकृति (disorder) होने से।
● पेट में असामान्य फ्लूड (ascites) होने से।
● कब्ज जिसमें bowel movement के दौरान खिंचाव होना।

हर्निया लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कब कराना चाहिए? (When to perform
Hernia laproscopic surgery?)

हर्निया का इलाज समय रहते न करवाया जाएं तो इमरजेंसी की स्थिति भी बन सकती है। हर्निया का
इलाज न करवाने पर fatty tissues फंस जाता है, जिससे सूजन और उस tissue में ब्लड सप्लाई बंद
हो जाता है। इसमें death होने का risk भी रहता है। जब हर्निया का साइज हद से ज्यादा बढ़ जाता है,
तब वह पेट की कई जगह पर कब्जा बना लेता है। ऐसा होने पर अन्नप्रणाली (Esophagus) को सीने
की तरफ शिफ्ट किया जाता है। इस प्रक्रिया को करने के लिए पहले आपके शरीर की स्थिति कैसी
है? इसकी जांच की जाती है।

इसलिए जितनी जल्दी हो सके, हर्निया का इलाज करवाया जाएं। हर्निया का इलाज दवाई और सर्जरी
दोनों से किया जाता हैं। जब हर्निया छोटे-छोटे होते हैं, तब दवाई के जरिए इसके लक्षणों में राहत
मिल जाती है। लेकिन ज्यादातर केस में सर्जरी ही एकमात्र उपाय बचता है। इसका कारण ये है कि
जब हर्निया छोटा होता है तब ही दवाई दी जाती है लेकिन हर्निया के लक्षण दिखाई न देने से मरीज
को देरी से हर्निया होने का पता चलता है। अब सवाल ये है कि हर्निया की सर्जरी कब और कौन करा
सकता है। इसका जवाब आसान है, जब डॉक्टर हर्निया होने की पुष्टि करें और बताएं कि इसे एक
स्टेज से ज्यादा समय हो गया है।

हर्निया की जांच करने के लिए सबसे पहले डॉक्टर फिजिकल एग्जामिनेशन करेंगे। साथ ही डॉक्टर
आपकी मेडिकल हिस्ट्री भी पूछेंगे। सबसे पहले उभार को कब नोटिस किया, दूसरे लक्षण,
लाइफस्टाइल कैसी है, ज्यादा एक्सरसाइज, हैवी लिफ्टिंग, स्मोकिंग हैबिट के बारे में पूछेंगे। क्या घर
में किसी सदस्य को हर्निया हुआ है? क्या आपकी पेट या Groin की कोई सर्जरी हुई है। इन सवालों
के जवाब मिलने के बाद डॉक्टर किसी नतीजे पर पहुंचते हैं।

इसके बाद डॉक्टर पेट का अल्ट्रासाउंड, CT scan, MRI करा सकते हैं। अगर डॉक्टर को लगता हैं कि
हर्निया का आकार ज्यादा बड़ा है तब endoscopy, barium X-ray टेस्ट भी करा सकते हैं।
ज्यादातर केस में हर्निया की सर्जरी ही की जाती है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी हर्निया का सबसे आसान
इलाज है।

हर्निया लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कैसे की जाती है?

हर्निया की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करने में तीस से चालीस मिनट का समय ही लगता है। सर्जरी से
पहले ब्लड और यूरिन टेस्ट किया जाता है, जो कि हर सर्जरी के पहले डॉक्टर किसी कॉम्प्लिकेशन न
होने के कारण करवाते हैं। इनकी रिपोर्ट्स देखने के बाद कोई तारीख तय की जाती है। हर्निया की
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करने से जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है, इसके बाद सर्जरी शुरू की जाती
है। नाभि के नीचे वाले हिस्से में कट लगाया जाता है। इसमें एक पतला और रोशनीमय (Lighted)
स्कोप (जिसे लेप्रोस्कोप कहते है) को उस कट के जरिए डाला जाता है। लेप्रोस्कोप हर्निया को ठीक
कर पुरानी स्थिति में लौटा देता है।

हर्निया लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में रिकवरी टाइम(Recovery Time after
Hernia Surgery)

हर्निया की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को करने में तीस से चालीस मिनट का समय लगता है। इसमें दूसरी
सर्जरी की तरह 6 -7 महीने तक परहेज नहीं करना पड़ता। हर्निया की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कराने का
एक फायदा यह भी है कि मरीज को दो से तीन दिन में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है,
जबकि ओपन सर्जरी में ठीक होने में समय लगता है। लेप्रोस्कोपी सर्जरी को कराने के बाद हफ्ते भर
में आप रूटीन लाइफ के काम कर सकते हैं जैसे ऑफिस जाना, घर में खाना बनाना।

Pristyn Care से क्यों कराएं हर्निया का इलाज

Pristyn Care हर्निया की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कराने के लिए बेहतर माध्यम है। Pristyn Care में
सभी सर्जन Well experienced हैं। यहां सभी सर्जन मरीज का ध्यानपूर्वक इलाज करते हैं। Pristyn
Care पर इलाज का सक्सेस रेट पॉजिटिव हैं। Pristyn Care से जुड़े सर्जन advanced technology
का इस्तेमाल करते हैं, जिससे सर्जरी कामयाब होती है और रिकवरी भी जल्दी होती है।
सर्जरी के दौरान मरीज के आने-जाने का खर्चा और पेपर वर्क भी Pristyn Care ही करवाता है। यहां
मरीजों को सर्जरी के बाद फ्री फॉलोअप की सुविधा दी जाती हैं। इसके साथ ही Pristyn care पर
आप इंश्योरेंस का फायदा भी उठा सकते हैं, हमारी इंश्योरेंस टीम के जरिए आप हर्निया की
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी 100% तक के क्लैम पर करा सकते हैं।

प्रिस्टीन केयर के बारे में

प्रिस्टीन केयर एक हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइडर चेन है जिसके पास बेस्ट लेजर, लैपोरोस्कोपिक और
सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनके पास पाइल्स, फिशर, फिस्टुला और दूसरी अन्य बीमारियों के
लिए विशेषज्ञ सर्जन हैं। इनके पास प्रॉक्टोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। अपनी किसी भी
चिकित्सा समस्याओं के लिए आप कभी भी प्रिस्टीन केयर से संपर्क कर सकते हैं