भारत में पहली बार होंडा लाएगा मोटो-3 रेस मशीन

Honda launches Moto-3 race machine for the first time in India
Honda launches Moto-3 race machine for the first time in India

नयी दिल्ली । भारत में मोटर रेसिंग को विश्व स्तरीय बनाने और अाने वाले वर्षाें में दुनिया के दिग्गज देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिये होंडा इस वर्ष के आखिर तक देश में अपनी सबसे पावरफुल एनएसएफ 250 आर मोटो-3 रेस मशीन उतारने जा रहा है।

भारत में जहां मोटर रेसिंग अभी खेल के रूप में नया है वहीं दुनिया के विकसित देशों सहित एशिया में खासकर थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे देश मोटर रेसिंग में अपनी पैठ बना चुके हैं। ऐसे में भारतीय राइडरों के लिये तकनीक के लिहाज़ से मोटो-3 मशीन का देश में आना ऐतिहासिक माना जा रहा है।

चेन्नई में रविवार को संपन्न हुई एशिया रोड रेस चैंपियनशिप(एआरसीसी) के दौरान होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं सीईअो मिनोरू कातो ने इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष तक मोटो 3 मशीन तकनीक को भारत में लाया जाएगा जिससे भारतीय राइडर प्रतिष्ठित मोटो जीपी, मोटो 2 और मोटो 3 जैसी रेसों में हिस्सा लेने का सपना देख सकें।

मोटर स्पोर्ट्स में अग्रणी होंडा 750 ग्रां प्री रेस जीत चुका है और भारत में नवोदित मोटर रेसिंग खेल के लिये तकनीकी रूप से खासी मदद कर रहा है। यह पहला मौका है जब एशिया रोड रेसिंग में कोई भारतीय टीम अपने भारतीय राइडरों के साथ उतर रही है। इदेमिस्तु होंडा इंडिया रेसिंग टीम पहली टीम है जो भारतीय राइडरों के साथ वैश्विक मोटर रेसिंग में उतर रही है जबकि होंडा ने तीन और नयी टीमों के गठन की घोषणा की है।

होंडा मोटर प्रमुख कातो ने बताया कि कंपनी ने एशिया के राइडरों के लिये तीन नयी टीमों होंडा एशिया ड्रीम रेसिंग, जेएसबी-1000 अाैर सुजुका 8 अार्स का गठन किया है। एशिया के राइडर अब अंतरराष्ट्रीय रेसिंग चैंपियनशिपों में इन टीमों के साथ प्रतिनिधित्व करेंगे।

चेन्नई के मद्रास मोटर रेसिंग ट्रैक(एमएमआरटी) पर एशिया रोड रेसिंग के चौथे संस्करण में होंडा इंडिया रेसिंग टीम में भारतीय राइडर अनीश शेट्टी और राजीव सेतु ने एशिया प्रोडक्शन(एपी-250 क्लॉस) और भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे जापानी राइडर ताइगा हादा ने प्रीमियर सुपर स्पोर्ट (600 एसएस क्लॉस) में हिस्सा लिया था। हादा ने लगातार दो रेस जीतकर भारतीय टीम को पोडियम फिनिश दिलाई थी।