भूटान के विकास में सहयोग करता रहेगा भारत : मोदी

थिम्पू। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान में विकास कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए आज कहा कि भारत वहां की पंचवर्षीय योजनाओं में निरंतर सहयोग करता रहेगा।

भूटान की दो दिन की यात्रा पर आज यहां पहुंचे मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री लोतेय शेरिंग के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी और सहयोग बढ़ाने के विभिन्न करारों पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित और न्यायिक क्षेत्रों में सहयोग के करारों पर हस्ताक्षर किए गए।

उन्होंने शेरिंग के साथ मिलकर 7200 मेगावाट की मेंगदेछू पनबिजली परियोजना का भी उद्घाटन किया। दोनों नेताओं ने भारत के नेशनल नोलिज नेटवर्क और भूटान के ड्रक रिसर्च और एज्युकेशन नेटवर्क के बीच संपर्क कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया। मोदी ने भारत के रूपे कार्ड को भी लांच किया। सिंगापुर के बाद भूटान दूसरा देश है जहां रूपे कार्ड लांच किया गया है।

बाद में शेरिंग के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि 130 करोड़ भारतीयों के दिलों में भूटान एक विशेष स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि यह भारत का सौभाग्य है कि हम भूटान के विकास में प्रमुख भागीदार हैं। भूटान की पंचवर्षीय योजनाओं में भारत का सहयोग आपकी इच्छाओं और प्राथमिकताओं के आधार पर आगे भी जारी रहेगा।

मोदी ने कहा कि भूटान के सामान्य लोगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से रसोई गैस की आपूर्ति 700 से बढ़ाकर 1000 टन प्रति माह की जा रही है। इससे गांवों तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सार्क ‘करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क’ के तहत भूटान के लिए करेंसी स्वैप की सीमा बढाने के बारे में भारत का रूख सकारात्मक है। भूटान की विदेशी मुद्रा की आवश्यकता को पूरा करने के लिए ‘स्टैंडबाय स्वैप’ व्यवस्था के तहत भारत उसे 10 करोड़ डालर की राशि उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के जरिये भूटान के विकास में तेजी लाने के लिए भारत प्रतिबद्ध है। इसके लिए दक्षिण एशिया उपग्रह के अर्थ स्टेशन का उद्घाटन किया गया है। इससे भूटान में संचार, लोक प्रसारण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थितियों तथा जरूरतों को देखते हुए भारत के प्रौद्योगिकी संस्थानों और अन्य शीर्ष शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भूटान में रूपे कार्ड के लांच होने से डिजिटल भुगतान, और व्यापार तथा पर्यटन के क्षेत्र में हमारे संबंध और बढेंगे। उन्होंने कहा कि भारत-भूटान संबंधों का इतिहास जितना गौरवशाली है, उतना ही आशाजनक भविष्य भी है। हमारी साझा आध्यात्मिक विरासत और मजबूत जन-संपर्क हमारे संबंधों की जान है। मुझे विश्वास है कि भारत और भूटान दुनिया में दो देशों के बीच संबंधों का एक अनूठा मॉडल रहेंगे। मोदी ने कहा कि उन्हें रविवार को रायल भूटान विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली युवाओं से मुलाक़ात की उत्सुकता से प्रतीक्षा है।