दो रुपए के सिक्के के दम पर लूट लेते थे ट्रेन, गिरोह का पर्दाफाश

जींद। हरियाणा के जींद में चार लोगों को गिरफ्तार करने के साथ रेलवे पुलिस ने लुटेरों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है जो पटरियों के जोड़ के बीच दो रुपए का सिक्का फंसाकर सिग्नल लाल करवाकर गाड़ी रुकवाते थे और फिर गाड़ी में चढ़कर लूटपाट करते थे।

रेलवे पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि संदीप (पानीपत निवासी), रमन और भारत (रोहतक निवासी) समेत चार लोगों को रविवार को उस समय गिरफ्तार किया जब वह पंजाब की दिशा में जा रही अवध एक्सप्रेस में यात्रियों को लूट रहे थे। पुलिस के अनुसार गिरोह के मुख्य सरगना मौजी (बड़ौदी गांव निवासी), विक्की (रोहतक निवासी) और उनके दो साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।

पुलिस ने बताया कि आरोपी संदीप ने खुलासा किया कि सात मई को उन लोगों ने दिल्ली से पठानकोट जा रही धौलाधार एक्सप्रेस में भी इसी तरह यात्रियों को लूटा था।

रेलवे पुलिस ने गिरोह की कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि वह लोग ट्रेन रोकने के लिए भौतिक-विज्ञान की साधारण तकनीक का इस्तेमाल करते थे। रेलवे पुलिस ने बताया कि पटरियों के बीच जोड़ होता है, सर्किट को बंद करने के लिए इसमें इंसुलेटिंग मटेरियल (रोधक पदार्थ) भरा जाता है।

ये लोग इस जोड़ में एक या दो रुपए का सिक्का डाल देते थे। ऐसा होने से पटरियों को अर्थ नहीं मिलता और सिग्नल हरे के बजाय लाल हो जाता था। सिग्नल के कारण जब ट्रेन रुक जाती तो यह ट्रेन में चढ़कर चाकू व अन्य हथियारों की नोक पर लूटपाट करते थे।