बहराइच में घाघरा और सरयू नदी उफान पर सैकड़ों गांव बाढ से घिरे

Hundreds of villagers surrounded by the Ghaghra and Saryu river breez in Bahraich
Hundreds of villagers surrounded by the Ghaghra and Saryu river breez in Bahraich

बहराइच । उत्तर प्रदेश के बहराइच में भारी बारिश के चलते घाघरा और सरयू नदियां उफान पर आ गई हैं। घाघरा नदी का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।

एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। मिहींपुरवा का छंगापुरवा गांव उफनाई घाघरा से बाढ़ की चपेट में आ गया है। गिरगिट्टी गांव में कटान के चलते आठ ग्रामीणों के मकान नदी में समाहित हो गए हैं। बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट किया गया है। वहीं बैराजों का भी जलस्तर बढ़ने लगा है।

तराई में हो रही भारी बारिश के साथ ही नेपाल के पहाड़ों पर भी मूसलाधार बरसात हो रही है। इसका असर नदियों पर देखने को मिल रहा है। घाघरा नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर 106.236 मीटर रिकॉर्ड हुआ।

केंद्रीय जल आयोग घाघराघाट के मुताबिक नदी का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसके चलते महसी, कैसरगंजऔर मिहींपुरवा तहसील क्षेत्रों में नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। पशुओं के लिये चारे की भी समस्या हो रही है।

मिहींपुरवा में तो घाघरा उफान पर आ गई है। यहां छंगापुरवा गांव के निवासी उफनाई घाघरा के पानी से घिरने से 16 परिवार फंसे थे। इसकी सूचना तहसील को दे दी गई है। लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते प्रशासन की ओर से उनको मदद पहुँचाने में देरी हुई।

उधर, नदी ने कटान भी शुरू कर दिया है। गिरगिट्टी निवासी मेवालाल यादव, बनवारी लाल, दादाराम, बद्री, काशी, हरी, मौजीलाल, मुंशीलाल के मकान नदी की कटान में समाहित हो गए। हालात यह रही कि मेवालाल अपने घर की गृहस्थी भी नहीं निकाल सके। किसी तरह परिवार के लोगों की जान बच सकी।
इसी बीच, महसी क्षेत्र में भी कटान के चलते लगभग 60 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई है।

महसी में गोलागंज, कोठार, नईबस्ती, पिपरी गांव नदी के निशाने पर हैं। शिवपुर विकास क्षेत्र में सरयू नदी भी उफान पर है। यहां भी तेज कटान हो रही है। मिहींपुरवा क्षेत्र में हो रही कटान के मामले में उपजिलाधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती का कहना है कि कटान और नदी के उफान की सूचना मिली है। राजस्वकर्मियों को मौके पर भेजा जा रहा है। ग्रामीणों को हरसंभव मदद पहुंचायी जाएगी।