मैं अभी जिंदा हूं और जंग जारी रहेगी : अहमद मसूद

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ लोहा ले रहे प्रतिरोधक बलों के नेता अहमद मसूद ने सोमवार को जारी एक ऑडियो संदेश में कहा कि वह अभी जिंदा है तथा तालिबान के खिलाफ जंग जारी रहेगी। उन्होंने सभी अफगानी लोगों से तालिबान के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर एक जुट होकर कार्रवाई का आग्रह भी किया है।

गौरतलब है कि तालिबान ने पंजशीर पर नियंत्रण का दावा किया था और इसके कुछ घंटों बाद ही मसूद ने 19 मिनट का एक ऑडियो जारी किया तथा अपने फेसबुक पेज पर कहा कि वह जिंदा है और तालिबान के खिलाफ जंग जारी रहेगी।

मसूद ने कहा कि पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों ने उनके विमानों को निशाना बनाया और नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट ने कुछ पाकिस्तानी विमानों को नष्ट कर दिया तथा पाकिस्तानी सैनिकों को भी मार गिराया है।

उन्होंने पाकिस्तान और तालिबान की तरफ से पंजशीर में बमबारी की पुष्टि करते हुए कहा कि इसमें रेजिस्टेेंस फ्रंट के प्रवक्ता फहीम दस्ती और मसूद परिवार केे कईं सदस्य मारे गए हैं।

मसूद ने अफगानियों से एकजुट होकर तालिबान के खिलाफ खड़े होने की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगा है और यह भी कहा कि यह लडाई अब नहीं रूकेगी और पंजशीर में हमारी तालिबान के खिलाफ जंग जारी रहेगी।

रेजिस्टेंस फ्रंट के सोशल मीडिया हैंडल पर बताया गया है कि रविवार रात को पाकिस्तान और तालिबान की तरफ से उनके ठिकानों पर भारी बमबारी और हथियार तथा गोला बारूद के जखीरे में लगातार हो रही कमी के बाद यह कठोर निर्णय लिया गया कि या तो यही डटे रहे और तालिबान का मुकाबला करते हुए देश के लिए कुर्बान हो जाएं या फिर ऊंची पहाड़ियों में जाकर शरण ली जाए।

फ्रंट के ट्वीटर हैंडल पर कहा गया है कि कल रात हमने यही कठोर फैसला किया कि हम ऊंची पहाड़ियों में जाकर शरण लेंगे और तालिबान का मुकाबला करते रहेंगे। पंजशीर की राजधानी बाजाराक में गर्वनर के निवास पर तालिबानी झंडा लहराए जाने का जिक्र करते हुए इसमें कहा गया है कि हम गवर्नर के कार्यालय या पंजशीर के लिए नहीं लडे बल्कि पूरे अफगानियों की आजादी के लिए लडे हैं। हम सब अच्छे हैं और काफी ऊंचे ठिकानों पर हैं जो हमारी कार्रवाई के लिए बहुत ही बेहतर स्थान है। हमें पता है कि हम क्या कर रहे हैं और हमें इस सबका पहले से ही पता था।

अफगानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्रपति अमरूल्लाह सालेह के बारे में ट्वीटर हैंडल पर कहा गया कि वह सुरक्षित हैं और अफगानिस्तान से बाहर हैं। वह भी रेजिस्टेंस फ्रंट के साथ मिल गए हैं।

ट्वीट में कहा गया कि अमरूल्लाह सुरक्षित हैं और आप लोग हताश न हो, वह विदेश में रह कर भी हमारी लडाई को आगे बढ़ाएंगे तथा तालिबान से निपटने के लिए हमें अंतरराष्ट्रीय मदद की आवश्यकता है। जब तक हमारी हथियार और अन्य सामग्री की आपूर्ति चेन सामान्य नहीं हो जाती तब तक हम चुप रहेंगे। तालिबान ने उत्तर क्षेत्र में नफरत को जो बीज बाेया है, अब उससे निपटा जाएगा और वापस जाने का कोई मतलब ही नहीं है।

इसमें कहा गया है कि पंजशीर उनके कब्जे में नहीं आया है, अहमद मसूद जिंदा है, तालिबान ने राजधानी पर ही तो कब्जा किया है लेकिन हम ऊंचाई पर बैठकर नियंत्रित कर रहे हैं और जब तक उत्तर क्षेत्र मुक्त नहीं हो जाता तब तक यह लडाई जारी रहेगी।

किसी ने हमारे नेताओं को निशाना बनाने के लिए हवाई हमला किया लेकिन वे असफल रहे और हमारा नेतृत्व सुरक्षित है। पंजशीर की लडाई में पहली बार कुछ बेहद ही उत्तम गुणवत्ता युक्त हवाई सुरक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया है जिनका इस्तेमाल तालिबान कभी नहीं करते हैं। हमें पता है कि यह काम तालिबान का नहीं है, जो भी कायर है वह अपना चेहरा सामने आकर दिखाए।

रेजिस्टेंस फ्रंट के इस संदेश से पहले तालिबानी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की थी कि नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट को पूरी तरह हरा दिया गया है और इस संगठन का खात्मा हो चुका है।