मोदी से घृणा की जगह प्यार, सीखता हूं : राहुल गांधी

चेन्नई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति उनके मन में कभी घृणा नहीं रही और हमेशा मन में प्यार एवं सम्मान ही रहा है तथा यही बात उन्होंने उनसे सीखी है।

गांधी ने स्टेला मेरी महिला महाविद्यालय में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्यार सभी धर्मों का आधार है चाहे वह हिन्दू धर्म हो या फिर इस्लाम और ईसाई।

उन्होंने प्रधानमंत्री को संसद में गले लगाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने संसद में भाषण देते वक्त मेरे पिता, दादी और परदादा के साथ साथ कांग्रेस पार्टी की कटु आलोचना की थी और मैनें इस भाषण को सुनकर तभी निश्चय कर लिया था कि मोदी के प्रति अपना लगाव दिखाने के लिए उनसे गले मिलूंगा।

गांधी ने कहा कि मैं उनसे घृणा नहीं करता, मैं उनसे सीखने की कोशिश करता हूं। क्या आप भी जिससे सीखते हैं, उससे घृणा करते हैं।

उन्होंने छात्राओं को सीख देते हुए कहा कि जो भी आपकी आलोचना करता है आप उससे सीखें और उसे प्यार दें, क्योंकि आलोचना करने वाले आपको बहुत कुछ सिखाते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने धोखाधड़ी करने वाले नीरव मोदी, विजय माल्या और अन्य लोगों को देश से बाहर जाने से रोकने में विफल रहने पर मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की।

नोटबंदी को मोदी सरकार की एक विफल योजना बताते हुए गांधी ने कहा कि इसे लागू करने से पहले उन्हें देश के लोगों से सलाह लेनी चाहिए थी। गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस इस बार सत्ता में आती है तो जीएसटी में समान कर ढांचा लाया जाएगा और कर की दरें भी कम हाेंगी।