राममंदिर का निर्माण न हुआ तो भाजपा छोड दूंगा : टी राजासिंह

I will leave BJP, If Ram Mandir will not build before 2019 : BJP MLA Raja Singh

रामनाथी (गोवा)। आज भारत देश सुरक्षित नहीं है। केरल में खुले आम हिन्दुत्वनिष्ठों की हत्याएं हो रही हैं। भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व राममंदिर का निर्माण, गोहत्या प्रतिबंध, कश्मीरी हिन्दुआें का पुनर्वास, समान नागरी कानून आदि आश्‍वासन दिए थे परंतु प्रत्यक्ष में इस विषय में कुछ होता दिखाई नहीं देता। ये बात तेलंगाना के श्रीराम युवा सेना के संस्थापक अध्यक्ष विधायक टी. राजासिंह ने सप्तम ‘अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’ को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि हिन्दुत्वनिष्ठ कहलाने वाले दल के नेताआें की विचारधारा हिन्दुत्व की न होकर दल की विचारधारानुसार होती है। आज हिन्दुत्वनिष्ठ कहलाने वाले दल सत्ता के भूखे हैं। भाजपा को अपनी नीति में सुधार कर राममंदिर निर्माण का कार्य करना चाहिए अन्यथा मैं भाजपा छोड दूंंगा।

जो दल हिन्दुहित का विचार करेगा उसे ही जनता को अगले चुनाव में विजयी करना होगा और हिन्दू विरोधियों को बहिष्कृत करना होगा।

वीरशैव लिंगायतों को सनातन धर्म से तोडने का षड्यंत्र सहन नहीं करेंगे

वर्तमान में हिन्दू धर्म को तोडने का षड्यंत्र अंंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा है और इसके लिए देश के अनेक संगठनों को विदेश से धन मिल रहा है। वीरशैव लिंगायत, यह अलग धर्म नहीं है, सनातन हिन्दू धर्म का ही अविभाज्य घटक है। आज वीरशैव लिंगायत समाज को हिन्दू धर्म से अलग करने का षड्यंत्र चल रहा है। ये बात अखिल भारतीय वीरशैव लिंगायत महासंघ मुंबई के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. विजय जंगम ने कही।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के चुनावों के समय कांग्रेस ने ‘फूट डालो और राज्य करो’ की नीति अपनाते हुए मत प्राप्त करने के लिए लिंगायत समाज को स्वतंत्र धर्म की मान्यता दी। ऐसा होते हुए भी हम लिंगायत समाज को अलग करने का षड्यंत्र सहन नहीं करेंगे। उसका तीव्र विरोध करेंगे। वीरशैव लिंगायत हिन्दू थे, हैं और आगे भी हिन्दू ही रहेंगे। लिंगायतों को हिन्दू धर्म से तोडने का षड्यंत्र रोकने के लिए हिन्दू राष्ट्र आवश्यक है। भाजपा वर्ष 2019 के चुनावों के घोषणापत्र में विकास के स्थान पर ‘भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने का वचन’ दें।

तमिलनाडु में तमिलों और हिन्दुआें को अलग करने का षड्यंत्र

तमिलनाडु में वर्तमान स्थिति हिन्दू धर्म और हिन्दुआें के विरोध में है। आजकल वहां ईसाइयों का प्रभाव बढ रहा है और वह प्रभाव चर्चसहित विविध गांव, राजनीतिक दलों और नेताआें पर भी दिखाई देता है। इसलिए तमिलनाडु में आई राम रथयात्रा का वहां के कुछ दलों एवं उनके नेताआें ने विरोध किया। ऐसा होते हुए भी रथयात्रा सफल हुई। ये विचार हिन्दू मक्कल कत्छी तमिलनाडु के संस्थापक अध्यक्ष अर्जुन संपथ ने व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में तमिलनाडु ‘फैसिस्ट’ राज्य हो गया है। आजकल ‘तमिल और हिन्दू अलग हैं’, ऐसी भ्रांति फैलाने का षड्यंत्र चल रहा है।

इस अवसर पर व्यासपीठ पर उत्तरप्रदेश के भक्ति आंदोलन मंच के प्रांतीय संस्कृति प्रमुख महामंडलेश्‍वर गोस्वामी राजेश्‍वरानंद महाराज, पंचकुला (हरियाणा) के राष्ट्रीय इतिहास अनुसंधान और तुलनात्मक अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष नीरज अत्री एवं हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्वी भारत मार्गदर्शक नीलेश सिंगबाळ आदि उपस्थित थे।