T20 विश्व कप : भारत को रौंदकर फाइनल में पहुंची इंग्लैंड की टीम

एडिलेड। इंग्लैंड ने एलेक्स हेल्स (86 नाबाद) और जॉस बटलर (80 नाबाद) के तूफानी अर्द्धशतकों की बदौलत गुरुवार को टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत को 10 विकेट से रौंदकर पाकिस्तान के साथ फाइनल में जगह बनाई। भारत ने इंग्लैंड को 169 रन का लक्ष्य दिया, जिसे बटलर-हेल्स की जोड़ी ने चार ओवर रहते हुए हासिल कर लिया।

पहले विकेट के लिए 170 रन की नाबाद साझेदारी में एलेक्स हेल्स ने 47 गेंदों पर चार चौकों और सात छक्कों की मदद से नाबाद 86 रन बनाए जबकि कप्तान बटलर ने 49 गेंदों पर नौ चौके और तीन छक्के लगाकर 80 रन की अजेय पारी खेली।

हार्दिक पांड्या ने भारत को 168 रन के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने के लिए 33 गेंदों पर चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से 63 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, लेकिन बटलर-हेल्स की जोड़ी ने हार्दिक की मेहनत पर पानी फेर दिया।

इंग्लैंड और पाकिस्तान दोनों मेलबर्न में रविवार को होने वाले फाइनल में दूसरी बार टी20 विश्व कप खिताब जीतने के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे। इंग्लैंड ने इससे पहले 2010 में यह खिताब जीता था जबकि टी20 विश्व कप 2016 के फाइनल में उन्हें वेस्ट इंडीज के हाथों हार मिली थी।

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने 2009 में टी20 विश्व कप की ट्रॉफी उठाई थी और यह उनका दूसरा फाइनल है। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच एकदिवसीय विश्व कप 1992 का फाइनल भी इंग्लैंड में खेला गया था जहां इमरान खान की टीम ने इंग्लैंड को मात देकर ट्रॉफी उठाई थी। बटलर और हेल्स की जोड़ी ने 169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विस्फोटक शुरुआत की। दोनों ने पावरप्ले में इंग्लैंड के लिये 63 रन जोड़े जबकि भारत इस दौरान एक विकेट के नुकसान पर 38 रन ही बना सका था।

बटलर-हेल्स ने विस्फोटक शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलते हुए 11वें ओवर में 100 रन का आंकड़ा छुआ, जबकि 16वें ओवर की आखिरी गेंद पर बटलर ने छक्का लगाकर इंग्लैंड को फाइनल में पहुंचाया।

यह (170 नाबाद) टी20 विश्व कप की सबसे बड़ी, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में इंग्लैंड की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इसके अलावा यह भारत के खिलाफ पहले विकेट के लिये सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान ने टी20 विश्व कप 2021 में 152 रन की अजेय साझेदारी करके पाकिस्तान को भारत पर जीत दिलाई थी।

अक्षर पटेल (चार ओवर, 30 रन) और अर्शदीप सिंह (दो ओवर, 15 रन) के अलावा कोई भी भारतीय गेंदबाज रनों पर लगाम नहीं लगा सका। रविचंद्रन अश्विन ने दो ओवर में 27 रन दिये, जबकि मोहम्मद शमी ने तीन ओवर में 39 रन लुटाए। भुवनेश्वर कुमार को दो ओवर में 25 रन पड़े और हार्दिक पांड्या ने तीन ओवर में 34 रन दिए।

इससे पूर्व, भारत ने हार्दिक पांड्या की 61 रनों की विस्फोटक पारी के दम पर 168 रन बनाये। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी के लिये बुलाया और दूसरे ही ओवर में केएल राहुल को आउट कर दिया। रोहित शर्मा ने कोहली के साथ दूसरे विकेेट के लिये 47 रन जोड़े लेकिन वह 28 गेंदों पर 27 रन ही बना सके। आदिल रशीद ने भारत की मुश्किलें बढ़ाते हुए रनगति पर लगाम लगाई और सूर्यकुमार यादव (14) का बहुमूल्य विकेट ले लिया।

भारत ने 14 ओवर में सिर्फ 90 रन पर तीन विकेट गंवा दिये थे और उन्हें चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने के लिये विस्फोटक साझेदारी की जरूरत थी। कोहली और पांड्या ने भारत को वह साझेदारी देते हुए 40 गेंदों पर 61 रन जोड़े। कोहली हालांकि 40 गेंदों पर एक छक्के और चार चौकों की मदद से 50 रन बनाकर 18वें ओवर में आउट हो गए। कोहली टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहली बार आउट हुए और उनका विकेट क्रिस जॉर्डन ने लिया।

कोहली का विकेट गिरने के बाद भी पांड्या नहीं रुके। उन्होंने 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर चौका जड़कर 29 गेंदों में अपना अर्द्धशतक पूरा किया, जबकि आखिरी ओवर में क्रिस जॉर्डन को एक चौका और एक छक्का लगाकर भारत को 20 ओवर में 168/6 के स्कोर तक पहुंचाया। इंग्लैंड के लिए जॉर्डन ने चार ओवर में 43 रन देकर सर्वाधिक तीन विकेट लिये, जबकि क्रिस वोक्स और आदिल रशीद को एक-एक विकेट हासिल हुआ।