पांच ओलम्पिक खेलों के खिलाड़ी तैयार करेगा आईआईएस

 IIS will create five Olympic sportsmen
IIS will create five Olympic sportsmen

विजयनगर । ओलंपिक से जुड़े पांच खेलों मुक्केबाजी, जूडो, कुश्ती, एथलेटिक्स और तैराकी में विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार करने के उद्देश्य के साथ उच्च स्तर के प्रशिक्षण संस्थान इंस्पायर इंस्टीट्यूट आॅफ स्पोर्ट (आईआईएस) का बुधवार को यहां उद्घाटन किया गया।

42 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला यह संस्थान जेएसडब्ल्यू समूह के नेतृत्व में भारत में एक विश्व-स्तरीय ओलंपिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की अनूठी पहल है जो भारतीय एथलीटों को देश के अंदर सबसे उन्नत बुनियादी ढांचे, कोचिंग और खेल विज्ञान की पहुंच प्रदान कर सकता है।

संस्थान के उद्घाटन के मौके पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष डॉ नरेंद्र ध्रुव बत्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के विशेष महानिदेशक ओंकार केडिया और खेल जगत से जुड़े अन्य प्रतिष्ठित लोगों के साथ तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बलबीर सिंह सीनियर, भारत के एकमात्र ओलंपिक व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा और 12बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन महेश भूपति भी मौजूद थे।

अतिथियों का स्वागत जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन की चेयरपर्सन संगीता जिंदल, आईआईएस के संस्थापक एवं जेएसडब्ल्यू सीमेंट के प्रबंध निदेशक पार्थ जिंदल और जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुस्तफा गौस ने किया।

इस संस्थान को चार साल में तैयार किया गया और यहां देश भर से खोजे गए कुश्ती, जूडो और मुक्केबाजी के 120 युवा खिलाड़ियों को पहले से ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ट्रैक एंड फील्ड प्रोग्राम को भी हाल ही में शुरू किया गया है तथा आने वाले महीने में एथलीटों का नया बैच आईआईएस में शामिल होगा। एफआईएनए अनुमोदित तैराकी सेंटर भी स्थापित किया गया है जिसका परिचालन 2019 में शुरू होगा।

आवासीय सुविधा वाले इस केंद्र में इन एथलीटों को पूर्ण छात्रवृत्ति दी जाती है और उन्हें प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल विज्ञान तथा मेडिसिन सपोर्ट एवं समुचित पोषण मुहैया कराया जाता है ताकि उन्हें विकसित खेल राष्ट्रों की तरह सुविधाएं उपलब्ध हों।

भारत के स्वतंत्रता दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर जनता के लिए इस संस्थान के दरवाजे खोलते हुए आईआईएस के संस्थापक पार्थ जिंदल ने कहा, “इंस्पायर इंस्टीट्यूट आॅफ स्पोर्ट महज एक संस्थान नहीं है, बल्कि यह एक अभियान है। इसे भारतीयों द्वारा भारतीयों के लिए बनाया गया है, ताकि एथलीटों को वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने में मदद मिल सके। हमारा विज़न आईआईएस को ओलंपिक में सफलता का सपना देखने वाले प्रत्येक भारतीय एथलीटों का पसंदीदा स्थान बनाना है।”

जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एशियाई खेलों के पदक विजेता मुस्तफा गौस की निगरानी में इस संस्थान को बनाया गया है। गौस नेे कहा, “इस संस्थान की स्थापना से पहले हमने व्यापक योजना बनाई एवं जमीनी स्तर पर शोध किया। हमने दुनिया भर में उच्च प्रदर्शन वाले केंद्रों की यात्रा की और इस तरह के प्रशिक्षण संस्थान के संचालन के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। हम आईआईएस में एथलीटों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण वातावरण मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

आईआईएस टीम में आठ देशों के करीब 40 अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विषेशज्ञ षामिल हैं। प्रमुख कोचों में जाॅर्जिया के मामुक किजिलशविली (जूूडो), फ्रांस के डेमियन जैकोमेली (कुश्ती), अमेरिका के रोनाल्ड सिम्स जूूनियर (मुक्केबाजी) और फ्रांस के एंथनी याइच (ट्रैक एंड फील्ड) शामिल हैं। कोचों के सहयोग के लिए स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, एक्सरसाइज़ फिजियोलाॅजिस्ट्स और फिजियोथेरेपिस्ट्स की भी एक टीम है। आईआईएस के विशाल परिसर में 300 एथलीटों के रहने-प्रशिक्षण की सुविधा है।

आईआईएस के प्रयासों से लाभान्वित होने वालों में राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता नीरज चोपड़ा, विकास कृष्ण यादव और विनेश फोगाट, रियो में कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक और प्रतिभाशाली युवा एथलीट मुक्केबाज निखत जरीन और हाई जंपर तेजस्विन शंकर शामिल हैं। संस्थान के परामर्श बोर्ड में अभिनव बिंद्रा, सौरभ गांगुली, महेश भूपति जैसे दिग्गज भारतीय खिलाड़ी और हाई परफाॅर्मेंस विषेशज्ञ डाॅ. टाॅम पैट्रिक शामिल हैं।