शुभ लगन में बैंड बाजा बरात पर कोरोना वायरस का ग्रहण

सबगुरु न्यूज। शादी का मतलब ही होता है बैंड-बाजे और धूम-धड़ाके के साथ बारात का आना लेकिन कोरोना महामारी ने विवाह के बंधन में बंधने वाले जोड़ों के अरमानों पर न सिर्फ पानी फेर दिया है बल्कि बैंड बाजा वालों की आजीविका पर भी ग्रहण लगा दिया है।

कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन में लोग भी नियमों का पालन कर सादे ढंग से विवाह कर रहे हैं। लॉकडाउन में बारातों का धूम-धड़ाका, नाचने, गाने पर ग्रहण लग गया है। शादी-ब्याह, निकाह करने के लिए पांच से दस व्यक्ति शामिल हो रहे हैं। ऐसे में बैंड कारोबारियों को भी बड़े स्तर पर आर्थिक नुकसान हुआ है। लॉकडाउन ने शादी की रंगत ही छीन ली है।

यार की शादी हो और नागिन डांस पर दोस्तों ने रंग ने जमाया तो ऐसी बारात किस काम की, दुल्हे राजा अपनी दुल्हनियां को लेने आएं और बैंड पर धुन न बजे ‘ले जाएंगे दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ वो शादी भी क्या शादी। लॉकडाउन में बिन बैंड बाजा के हो रही शादियां और इस लॉकडाउन की लाठी ने बैंड बाजे वालों की कमर हीं तोड़ दी है।

जिस शादी में जीजा-फूफा का बारात में बीच सड़क पर बैंड की धुन पर धमाल न हो भला ऐसे कोई बैरंग बारात जाती है। लेकिन लॉकडाउन में सबकुछ सूना हो गया है। न बरात है और न बैंड बाजे वाले हैं। लॉकडाउन में बैंड वालों की ही बैंड बज गई है।

इस वर्ष 14 अप्रेल को खरमास खत्म होने के बाद से शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। हर शहर में नामी बैंड बाजे वालों की दुकान हैं, जो आज लॉकडाउन की वजह से बंद हैं। इसी सीजन से होने वाली कमाई से उनके सालभर का इंतजाम होता है लेकिन लॉकडाउन से खाने के लाले पड़ गए हैं। प्रत्येक बैंड पार्टी में 10 से 30 कलाकार काम करते हैं। एक कारोबारी के पास करीब 30 से 40 बारात, 10 से अधिक धार्मिक कार्यक्रमों के साथ अनेक आयोजनों में बुकिंग की गई थी।

लॉकडाउन की वजह से लोगों ने शादी कैंसिल कर दी जिसका प्रभाव बैंड बाजा वालों पर प्रड़ा है। लगन में कमाए पैसे से साल भर घर का खर्च चलता था, लेकिन आज बैंड पार्टियां चलाने वाले कंगाल हो गए हैं। बैंड संचालकों के पास खुद हीं पैसे नहीं है तो कर्मचारियों और कलाकारों को कहां से वेतन देंगे। इस सीजन में सबकुछ चौपट हो गया है। आगे भी जल्द हालात सुधरने की उम्मीद नहीं है। शादी के सीजन में अप्रेल से जून तक के लिए शगुन के तौर पर एडवांस ली गई राशि भी वापस लेने का बुकिंग करने वाले तगादा कर रहे हैं।

कोरोना को लेकर 31 मई तक सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा की है ऐसे में मई में जिनके घर में शादी-विवाह की तारीख तय की गई है, उनके लिए परेशानियां बढ़ गई है। वर-वधू दोनों पक्ष लॉकडाउन के कारण चिंतित है। उनकी तैयारियां पूरी नहीं हो पा रही है ऐसे में कई ऐसे परिवार हैं जो शादी की तारीख को आगे बढ़ा रहे हैं।

पंचाग के अनुसार अप्रेल माह में शादी या अन्य शुभ काम का मूर्हूत शुरू हुआ। मई में 3, 4, 6, 7, 10, 17, 18, 20, 22 और जून में 7, 10, 11, 17 को शुभ मूहूर्त हैं। इसी तरह शादी के लिए 1, 2, 4, 5, 6, 7, 8, 10, 12, 17, 18, 19, 23, 24 और जून में 14, 15, 19, 20, 25, 27, 28, 30 में शुभ मूहूर्त हैं। इसके बाद नवंबर और दिसंबर में शुभ मूर्हूत आएगा।