2018 में होली पूजन विधि व शुभ मुहूर्त,भद्रा काल में नहीं होता होलिका दहन

HAPPY HOLI 2018: These precautions take time to buy colors on holi

SABGURU NEWS | भद्रा और पूर्णिमा के बीच संतुलन। इस बार 1 मार्च को सुबह 8 बजे से पूर्णिमा तिथि लग रही है, लेकिन खास बात ये है कि इस दिन भ्रद्रा भी लग रही है। कहा जाता है कि भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है। ऐसे में होलिका दहन फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को भद्रा समय को त्याग करने के बाद किया जायेगा।

इस वर्ष गुरुवार को पूर्णिमा रात्रि और प्रातकाल 6:30 तक है, मघा नक्षत्र रात्रि 11:45 तक, अतिगंड योग प्रातः काल 7:45 तक इसके बाद सुकर्मा योग और भद्रा प्रातः काल 9:9 से सायं काल 7:51 तक है।

ये होगा होलिका दहन का शुभ महूर्त

इसलिए 1 तारीख को सांयकाल 7:00 बज कर 51 मिनट के बाद क्षेत्र परंपरा के अनुसार होलिका दहन का कार्य किया जाएगा भारत के विभिन्न अंचलों में अपने अपने क्षेत्र परंपरा के अनुसार यह कार्य किया जाएगा

। ध्‍यान रखें भद्रा में होलिका दहन करने से जनसमूह का नाश होता है। प्रतिपदा चतुर्दशी भद्रा और दिन में होलिका जलाना सर्वथा त्याग योग्य है। संयोगवश यदि होलिका जला दी जाए तो वहां के राजा राज नगर और मनुष्य अद्भुत उत्पादों से एक ही वर्ष में हीन हो जाते हैं।

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