CWG 2022 : भारत ने लगातार दूसरी बार जीता पुरुष टेबल टेनिस का स्वर्ण पदक

बर्मिंघम। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में मंगलवार के फाइनल मैच में सिंगापुर को हराकर लगातार दूसरी बार राष्ट्रमंडल स्वर्ण जीता। अचिंत शरत कमल, साथियान ज्ञानसेकरन, हरमीत देसाई और सनिल शेट्टी की भारतीय टीम ने एक युगल और दो एकल मुकाबले जीतकर सिंगापुर को 3-1 से मात दी।

हरमीत देसाई और साथियान ज्ञानसेकरन ने पहले युगल मुकाबले में सिंगापुर के योंग कुएक और यू पांग को 13-11, 11-7, 11-5 से मात दी। दूसरे मैच में अचंत शरत कमल को ज़्हे यू च्यू के हाथों 7-11, 14-12, 3-11, 9-11 से हार का सामना करना पड़ा और मैच 1-1 की बराबरी पर आ खड़ा हुआ।

इसके बाद 2017 के बेल्जियम ओपन विजेता ज्ञानसेकरन भारत को बढ़त दिलाने के इरादे से पहले ही गेम से हमलावर हो गए। वह पांग से दो गेम जीतने के बाद तीसरा गेम हारे, लेकिन अंततः उन्होंने सिंगापुरी प्रतिद्वंदी को 12-10, 7-11, 11-7, 11-4 से शिकस्त देकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई।

भारत को अब स्वर्ण जीतने के लिए सिर्फ एक और मैच जीतना था, जिसे हरमीत ने संभव किया। उन्होंने च्यू को 11-8, 11-5, 11-6 हराकर भारत को सिंगापुर पर 3-1 से जीत दिलाई और भारतीय पुरुष टेबल टेनिस टीम ने लगातार दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेल का स्वर्ण जीता।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की स्वर्ण पदक विजेता महिला टीम क्वार्टरफाइनल में मलेशिया के हाथों हारकर बाहर हो गयी थी और इस बार भारत को टेबल टेनिस में स्वर्ण दिलाने की जिम्मेदारी पुरुष टीम पर थी।

पुरुष टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान दमदार प्रदर्शन दिखाया और फाइनल से पहले प्रतियोगिता के हर ड्रॉ में 3-0 से जीत दर्ज की। फाइनल ऐसा पहला ड्रॉ था जिसमें भारत ने एक मैच हारा, लेकिन अंततः उन्हें 3-1 से जीत हासिल हुई।

विकास ने रजत जीतकर ग्लासगो का कारनामा दोहराया

भारत के शीर्ष भारोत्तोलक विकास ठाकुर ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत को 11वां पदक दिलाते हुए 96 किग्रा भारोत्तोलन प्रतियोगिता में रजत जीता।

राष्ट्रमंडल खेल 2014 के रजत पदक विजेता विकास ने अपना कारनामा दोहराते हुए स्नैच में 155 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 191 किग्रा के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ 346 किग्रा की कुल लिफ्ट दर्ज की और दूसरा स्थान हासिल किया।

गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 के कांस्य पदक विजेता विकास स्नैच राउंड की समाप्ति के बाद 155 किग्रा की सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट के साथ दूसरे स्थान पर थे जबकि समोआ के डॉन ओपेलोगे 171 किग्रा की राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड लिफ्ट के साथ पहले स्थान पर थे।

जब विकास क्लीन एंड जर्क राउंड में उतरे तो फिजी के टानियेला रानीबोंगी 343 किग्रा की कुल लिफ्ट के साथ उनसे आगे चल रहे थे, लेकिन विकास ने अपने दूसरे प्रयास में 191 किग्रा भार उठाकर उन्हें पछाड़ा और भारत के लिये चौथा रजत पदक सुनिश्चित किया।

पंजाब के लुधियाना से आने वाले विकास राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेते हुए हर बार देश के लिये पदक लाए हैं। इस बीच, समोआ के ओपेलोगे ने स्वर्ण जीता जबकि फिजी के रानीबोंगी को कांस्य प्राप्त किया।