चीन ब्रह्मपुत्र नदी के आंकडे देगा भारत को

India China sign two MoUs on sharing of Brahmaputra river data, supply of non basmati rice

क्विंगदाओ। भारत और चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी के आंकडों को साझा करने सहित दो करारों पर शनिवार को हस्ताक्षर किए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक से इतर हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। मोदी शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारतीय समय के अनुसार दोपहर को यहां पहुंचे थे।

मुलाकात के बाद श्री मोदी ने ट्विट किया कि शिखर बैठक के मेजबान शी जिनपिंग से शाम को मुलाकात हुई। हमने द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। हमारी बातचीत से भारत-चीन मैत्री को और बल मिलेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस मुलाकात से पिछले महीने वुहान में दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत से बने सकारात्मक माहौल को और गति तथा मजबूती मिलेगी। मोदी की चीनी राष्ट्रपति के साथ छह सप्ताह में यह दूसरी मुलाकात है।

प्रवक्ता ने कहा कि मोदी और जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक के बाद दो करारों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने ब्रह्मपुत्र नदी को लेकर महत्वपूर्ण समझौता किया जिसके तहत चीन बाढ के मौसम में प्रति वर्ष 15 मई से 15 अक्टूबर के दौरान इस नदी के जल से संबंधित आंकडे भारत को देगा।

अन्य मौसम के दौरान नदी का जल स्तर बढने पर भी वह आंकडे उपलब्ध कराएगा। दूसरे करार के तहत भारत चीन को बासमती से अलग दूसरी किस्मों के चावल का भी निर्यात करेगा।

इससे पहले मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकट मिरजियोवेव से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच बहुत प्राचीन संबंध हैं और इस मुलाकात के दौरान हमने विभिन्न क्षेत्रों में इनकी समीक्षा की। दोनों ने आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्र में सहयोग बढाने पर भी बात की।